Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पापा! आप के होने से

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29 -Jun-2019 Satyam Devu Fathers Day Poems 0 Comments  77 Views
पापा! आप के होने से

::पापा! आप के होने से:: पापा! आप के होने से,, मैं आज यहाँ हूँ, चल-फ़िर लेता हूँ, दुनिया को लाँघने की हिम्मत रखता हूँ, छोटे-बड़े ख़्वाब देख सकता हूँ, सब आपकी वजह से. आप ना होते तो मैं ना होता, और ये दुनिया भी मेरे लिए नहीं होत

ओ धरती के लाल

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16 -Jun-2019 nil Fathers Day Poems 0 Comments  104 Views
ओ धरती के लाल

ओ धरती के लाल पूज्य पिता श्री चिरौंजी लाल जी तुम्हारे आदर्श आकाश से नवल - धवल सूरज के प्रकाश से /अनमोल धरोहर/:कैसे बांधू शब्दों में .: आप थे धरती के लाल :चिरौंजीलाल भोजन परोस पालतुओं को /ब्यालू से निपट लिपे पुते चौतर

Kuch aise hai mere papa

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28 -Mar-2019 Devesh Patel Fathers Day Poems 0 Comments  252 Views
Kuch aise hai mere papa

कुछ ऐसे है मेरे पापा ० अपनी तकलीफों से झुंझते रहते हैं तब भी हमारी खुशी की परवाह करते रहते हैं ० मेरी हर शरारतो को वो छुपाते है और मां जब पूछे तो नाम अपना लगाते है ० करते है मेरी हर ख्वाहिश पूरी चाहे रह जाए उनकी कोई

Kadam Kadam tere peeche

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13 -Jan-2019 Pragya Sankhala Fathers Day Poems 0 Comments  181 Views
Kadam Kadam tere peeche

Kadam Kadam tere peeche Agar Chal diye hote Roshan phir tab mere bhi Ghar me wo diye hote Katho par tab thoda sa Kash Chal liye hote Chalo se bhare aaj Paav phir mere na hote Yakin un par Pura Kar liya hota Samprit Har pal unko Kar diya hota Tees man me phir yu toh aaj na Rahi hoti Muskurahat phir hoto par yu khil Rahi hoti

फादर्स डे

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17 -Nov-2018 Abbas Bohari Fathers Day Poems 0 Comments  426 Views
फादर्स डे

आज मना रहे सारे फादर्स ड़े दिखा रहे जज़्बात दिलमे पड़े समझ आया बच्चोंको बापका प्यार त्याग और परिश्रम से बना परीवार मजबूत कांधोने उठा रखी जिम्मेदारी औलाद को कभी ना होने दी दुश्वारी उंगली पकड़कर चलना सिखाए कलमसे इल्

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