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Pita Ne Prasann Rahna Sikhaya

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25 -Jul-2013 Kavi Dinesh Jangra Fathers Day Poems 0 Comments  2,752 Views
Kavi Dinesh Jangra

पिता ने प्रसन्न रहना सिखाया,
विपदाओं में भूल के गम को,
न जाने कितने कष्ट सह के,
काबिल बनाया पिता ने हमको।

निज श्रम अर्जित धन से,
हमें विद्या अध्ययन कराया,
भोजन, वस्त्र या हो कुछ भी,
हमें मिला मन का चाहा।

समस्त आयु कमा कमा कर,
हमें सौंप दिया सम्पति-धन को,
न जाने कितने कष्ट सह के
काबिल बनाया पिता ने हमको।

पिता थे पथ प्रदर्शक किनारे,
हम थे जल की बहती धारा,
प्रोत्साहित किया प्रशंसा से,
और डांट कर त्रुटियों को सुधारा।

उत्तम अधम के अंतर से,
अवगत कराया पिता ने हमको,
न जाने कितने कष्ट सह के,
काबिल बनाया पिता ने हमको।


©दिनेश जांगड़ा



Dedicated to
My Father

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