Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

होली में परधानी बा

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25 -Mar-2021 सिद्धार्थ पांडेय Festival Poems 0 Comments  185 Views
होली में परधानी बा

फलाने लड़िहे ढेमाके लड़िहे , घर घर इहे कहानी बा। दिल्ली के लखनऊ के भूलि जा अब ,गाँव बनल रजधानी बा। खूब लह गईल मुर्ग मुसल्लम दारू वाले भैया के, बड़े भाग से यह साल में , होली में परधानी बा। फलाने लड़िहे ढेमाके लड़िहे , घर घर

मैं और तुम हैं साथ साथ चरखी और पतंग से

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14 -Jan-2021 bharat Festival Poems 1 Comments  469 Views
मैं और तुम हैं साथ साथ चरखी और पतंग से

मैं और तुम हैं साथ साथ चरखी और पतंग से... बंध में बंधे हुए इसलिए सधे हुए एक महीन तंग से... जब भी तुम चाहती हो उड़ना में देता हूं ढील कि तुम छू सको आसमां और जब तुम बहक जाती हो उच्छृंखल होकर तो खींच लेता हूं तुम्हे रफ्तार

नववर्ष - शुभकामना

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22 -Dec-2020 satyadeo vishwakarma Festival Poems 0 Comments  630 Views
नववर्ष - शुभकामना

नववर्ष - शुभकामना मेरे बच्चों वीरानी में भी तुम मधुमास बन जाओ। गरीबों औ यतीमों का नया उल्लास बन जाओ। मुबारक हो सभी खुशियाँ तुम्हें नववर्ष पर बच्चों, विजय-पथ पर निकलकर आश औ विश्वास बन जाओ। कहीं पर आरती तो फिर कहीं

भाई दूज

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15 -Nov-2020 Prabhat Pandey Festival Poems 0 Comments  840 Views
भाई दूज

भाई दूज का पर्व है आया सजी हुई थाली हाथों में अधरों पर मुस्कान है लाया भाई दूज का पर्व है आया || अपने संग कुछ स्वप्न सुहाने लेकर अपने आंचल में खुशियां भरकर कितना पावन दिन यह आया बचपन के वो लड़ाई झगड़े बीती यादों का दौर

गणेश चतुर्थी

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21 -Aug-2020 Dr. Swati Gupta Festival Poems 0 Comments  275 Views
गणेश चतुर्थी

Happy Ganesh Chaturthi.. एक बार माता पार्वती ने सोच समझ कर किया विचार, अपने शरीर के निकले मैल से पुतले का दिया आकार, प्राण डाले उस पुतले में ,और नाम दिया उसको गणेशा, आदेश दिया पुत्र गणेश को,बन जाएं उनका पहरेदार, अंदर कोई न आने पाये,

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