Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कमल

0
12 -Apr-2017 Anju Goyal Flower Poem 0 Comments  5,091 Views
कमल

  कैसे   तनकर  खड़ा  इठलाता   सुंदरता पर  बड़ा  इतराता    पानी के  अंदर  लहराता      राष्ट्र  का  अभिमान  कमल      सबके  मन  को खूब  लुभाता   कीचड़ में भी  अस्तित्व  बनाता   संस्कृति  की पहचान कराता     राष्ट्र का  अभिमान  

Kamal

0
27 -Nov-2016 Suresh Chandra Sarwahara Flower Poem 0 Comments  3,921 Views
Kamal

कमल ____________ सुन्दर कोमल पुष्प कमल लगते हैं कितने निर्मल , कीचड़ में भी रहकर ये हँसी बिखेरे दुग्ध धवल। नीचे लहरें हैं चंचल ऊपर ये हैं खडे़ अटल, खुश रहते हैं अपने में नन्हे शिशु जैसे निश्छल। नहीं छोड़ते जल से जड़ सिर ऊँ

Gurhal Ke Phool (Hibiscus Flower)

0
08 -Sep-2016 Suresh Chandra Sarwahara Flower Poem 0 Comments  2,403 Views
Gurhal Ke Phool (Hibiscus Flower)

गुड़हल के फूल ___________________ कैसे सुन्दर खिले हुए हैं बीच हरे पत्तों में गुड़हल, जैसे जग को देख रहे हों चंचल बालक सम मचल मचल । केसर के हाथों को फैला चाह रहे झुक छूना धरती, उँगली जैसी लाल पंखुरी प्रातः की लाली को हरती। कण पर

फूल खिले है

0
31 -May-2016 shalu L. Flower Poem 0 Comments  1,946 Views
फूल खिले है

फूल खिले है खिले है गुलशन में बहार बनकर, मानो बुलाया हो जैसे किसीने दुआ मांगकर खुशबू भरी की लहरे उठी हो फूलसागर में ऐसे ही फूल खिले है हरेभरे बागों में. चले हवा संग तो मौसम बहार जाता है रंग मिले नज़रों को तो चहेरा नय

Hansta Harsingaar

0
06 -Feb-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Flower Poem 0 Comments  626 Views
Hansta Harsingaar

करने में उपकार को, नहीं मानता हार। बाँट रहा है गन्ध को, सबको हर सिंगार।। -- केसरिया टीका लगा, हँसता हरसिंगार। अमल-धवल ये सुमन है, , कुदरत का उपहार।। -- नतमस्तक होकर सदा, करता है मनुहार। धरती पर बिखरा हुआ, लुटा रहा है प्य

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017