Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Relationship

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02 -Aug-2022 Kumar Ashish Friendship Poems 0 Comments  33 Views
Relationship

खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की। बस लोग मुझे पहचानते रहे काफी है। अच्छे अच्छा और बुरे बुरा ही काहेंगे । क्योंकि जिसकी जितनी जरुरत हो हमसे वो उतना ही पहचाने मेरे लिये काफी है ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब शामे

ख़ास

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30 -Apr-2022 Sneha Mahato Friendship Poems 0 Comments  257 Views
ख़ास

कुछ लोग मुझे ऐसे मिले जिसकी मुझे ना थी कभी आश, जब थी मेरे में भर चुकी पूरी निराशा, तभी यूं उन्हीं दोस्तों ने मुझे भर दी आशा, हां जब मै होती कठिन परिस्थितियों में, याद करते थे वे मुझे वे उस वक्त भी, जब लगता था अब कि हो गय

दोस्तों की शाम।

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19 -Mar-2022 Harpreet Ambalvee Friendship Poems 0 Comments  283 Views
दोस्तों की शाम।

दोस्तो की इक शाम और मस्ती, ना कोई छोटा, ना कोई बड़ा, बस सबकी एक ही हस्ती, बड़े जतन और किस्मत से मिलते हैं दोस्त, ये चीज़ नहीं कोई सस्ती, दोस्तो की इक शाम और मस्ती, कोई कुछ कहता, कोई कुछ समझता, मगर सबको इक दूजे का ध्यान है

वैसे तो मुझे हमेशा से ही अलग रहना अच्छा लगा

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06 -Mar-2022 Megha Raghuwanshi Friendship Poems 0 Comments  88 Views
वैसे तो मुझे हमेशा से ही अलग रहना अच्छा लगा

वैसे तो मुझे हमेशा से ही अलग रहना अच्छा लगा अभी भी लगता हैं अकेले अच्छा, वैसे तो कोई नही था मेरे पास, कहने को दोस्त जिससे कह सकूं मैं अपनी सारी बातें बाट सकूं अपनी खुशी और गम फिर मेरी धूप भरी जिंदगी में छाया जैसी तुम

मैं तुझे कल कॉल करता हूं।

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02 -Mar-2022 Harpreet Ambalvee Friendship Poems 0 Comments  348 Views
मैं तुझे कल कॉल करता हूं।

मैं तुझे कल कॉल करता हूं, अभी थोड़ा काम में व्यस्त हूं, अपनी ही उलझनों से त्रस्त हूं, इस बार के लिए लफ्ज़ों को उधार करता हूं, मैं तुझे कल कॉल करता हूं, मुझे पता है तू क्या कहेगा, ना जवाब दिया तो फिर मुझे फोन करेगा, मगर अ

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