जो छूट गए

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13 -Aug-2017 Neha Sonali Agrawal Funeral Poems 0 Comments  72 Views
जो छूट गए

वो गोद जो, माँ की डांट से बचाए, वो गोद जो, निःस्वार्थ प्यार लुटाये, वो गोद बड़ी ही न्यारी थी, लाड और दुलार से पूरित थी. वो बोल जो, मीठी कहानियां सुनाये, वो बोल जो, आशीष के गीत गायें, वो बोल तो सुंदर मोती थे, स्नेह के धागे म

Mrat Kaaya Ka Rodan (मृत काया का रोदन) POEM NO. 230 (Chandan Rathore)

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19 -Jul-2017 Chandan Rathore Funeral Poems 0 Comments  121 Views
Mrat Kaaya Ka Rodan (मृत काया का रोदन) POEM NO. 230 (Chandan Rathore)

POEM NO . 230 ------------ मृत काया का रोदन ------------ मृत काया के लिए हुआ आज फिर करुणा मय रोदन | छोटे छोटे बच्चों की आशाओं का हुआ शोषण || रूठ गए जग छोड़ गए वो, अब कुछ ना रहा कृन्दन | लोग करे समाज करे, बस बेमेल बिन वजह चिंतन || उठा कर काया बच्चों

जनाज़ा-एक उठावा (funeral-an arrival)

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01 -Aug-2016 Dilesh Jain Funeral Poems 0 Comments  254 Views
जनाज़ा-एक उठावा (funeral-an arrival)

मैं जब था तो किसी को मेरा एहसास ना था, आज मैं जाने लगा तो सब रोने लगे, पता नहीं सच्चे है या झूठे पर तुम नहीं तुम्हारे आँसु रोने लगे, पूरी ज़िंदगी में चार लोगों का सहारा ना मिला , आज चार लोगों का सहारा भी मिला, मेरे लिए द

सफर (घर से मरघट तक )

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03 -Jun-2016 Madan Saxena Funeral Poems 0 Comments  256 Views
सफर (घर से मरघट तक )

आँख से अब नहीं दिख रहा है जहाँ ,आज क्या हो रहा है मेरे संग यहाँ . माँ का रोना नहीं अब मैं सुन पा रहा ,कान मेरे ये दोनों क्यों बहरें हुए. उम्र भर जिसको अपना मैं कहता रहा ,दूर जानो को बह मुझसे बहता रहा. आग होती है क्या आज मा

Akhri safer

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21 -May-2016 Aajez Funeral Poems 0 Comments  226 Views
Akhri safer

tooti zanjeer sansoo ki qafes raha nahi qeyyam nahi parrao nahi manzel ka pata nahi saji majlesy matem gunja nikara gusha mekhana mien qafes parra hai zameen par jaan rahi nahi` tafseel e arzoo mien beet gai umer sari kafen aan parra saat e takmeel e arzoo aai nahi safer do qadem ka aur bebasi chehry par ayyan dastoor hai taay karna kesy!ham ko enkar nahi manzel paheem yeah tanhai asbab lut chuka qaza ny talatem alem mien barpa kia nahi majma aur tagaful bhi ajeb andaze berukhi hien aay ham per aur hami se koi ashanai nahi ashek ahyen duhai tha

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