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Gandhi Maraa Nahi Karte Hain

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31 -Jan-2016 Dr. Pradeep Shukla 2 October Poems 0 Comments  2,066 Views
Dr. Pradeep Shukla

बच्चों एक थे मोहनदास
भारत के वह सबसे ख़ास

पैदा हुए काठियावाड़
रास न आते उन्हें जुगाड़

नक़ल कभी वह कर ना पाए
हरदम थर्ड डिवीज़न आये

चले गए बैरिस्टर बनने
लौटे धोती कुर्ता पहने

कुछ दिन बाद गए अफ्रीका
लेकिन वहाँ रंग था फ़ीका

सब भारतवंशी बेचारे
पड़े हुए थे हिम्मत हारे

मोहनदास हो लिए आगे
सारे उनके पीछे भागे

गलत बात का किया विरोध
नहीं मगर चेहरे पर क्रोध

सही बात अपनी मनवाई
लेकिन कहीं न हिंसा आई

सत्य अहिंसा की थी आँधी
मोहनदास बन गए गांधी

यह तो बस छोटा प्रयोग था
आने वाला कठिन योग था

वापस जब वो भारत आये
अंग्रेजों के दिल दहलाए

साथ साथ थी वही अहिंसा
सूत्र एक था करो न हिंसा

शुरू हुए जमकर आन्दोलन
बजी सरों पर लाठी टनटन

गांधी का घर जेल हो गया
उनका तो यह खेल हो गया

बापू के संग देश पुकारा
छोड़ो छोड़ो देश हमारा

अंग्रेजों को समझ में आया
अपना डेरा तुरत उठाया

कितने संघर्षों के बाद
भारत देश हुआ आज़ाद

फिर आई थी तीस जनवरी
और हुई कुछ हवा सिरफिरी

बापू बस बोले हे! राम
भारत की घिर आई शाम

जो पैदा होते, मरते हैं
गांधी मरा नहीं करते हैं

गांधी था हम सबका हीरो
गांधी है हम सबका हीरो.

Gandhi Maraa Nahi Karte Hain


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