जय गणेशयः नमः

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16 -Sep-2016 Dr. Swati Gupta Ganesh Chaturthi Poems 0 Comments  182 Views
जय गणेशयः नमः

गणपति जी हैं सबके प्यारे, शिव गौरा के राजदुलारे, भोली और प्यारी सी सूरत, सवारी बने हैं उनकी, मूषक मोदक उनको बहुत हैं भाते, बड़े प्यार और चाव से खाते, देवों में वह देव हमारे, सबसे पहले उनकी पूजा करते हैं सारे, रिद्धि सि

ॐ गंगणपत्ये नमः

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16 -Sep-2016 Dr. Swati Gupta Ganesh Chaturthi Poems 0 Comments  163 Views
ॐ गंगणपत्ये नमः

गणपति जी तुम्हारी महिमा अपरम्पार, गणेश चतुर्तिथि आते ही, घर घर में खुशियाँ छाये, हर जगह गूँज रही है, तेरे नाम की जय जयकार, गणपति जी तुम्हारी महिमा अपरंपार।। दुखहर्ता हो,सुखकर्ता हो, तुम हो विघ्न विनाशक, जो कोई भी त

गणपति विसर्जन

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16 -Sep-2016 Dr. Swati Gupta Ganesh Chaturthi Poems 0 Comments  153 Views
गणपति विसर्जन

गणपति जी जा रहे हो तुम, पर इतना वादा करते जाना, अगले वर्ष तुम जल्दी आना, तेरे बिन सूना लगेगा ये सारा जमाना, तेरे यहाँ होने से मन को मिला सुकून था, अनोखी सी कशिश थी तुममें, जिससे आनन्दित हुआ मेरा मन था, नाचते गाते हमने

गणपति बप्पा मोरया

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07 -Sep-2016 Dr. Swati Gupta Ganesh Chaturthi Poems 0 Comments  144 Views
गणपति बप्पा मोरया

गणपति बप्पा मोरया... माँ मेरे संग बाज़ार चलो तुम, मैं भी गणपति को लाऊंगा।। सुना है वो बच्चों के सखा बनते हैं, हर बात उनकी बड़े ध्यान से सुनते हैं, माँ,सुबह शाम मैं उनकी पूजा करूँगा, उनको सखा मैं अपना बनाऊंगा। माँ मेर

गणेश चतुरतिथि

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04 -Sep-2016 Dr. Swati Gupta Ganesh Chaturthi Poems 0 Comments  197 Views
गणेश चतुरतिथि

Happy Ganesh Chaturthi.. एक बार माता पार्वती ने सोच समझ कर किया विचार, मैल निकाला अपने शरीर से, उससे पुतला एक प्यारा सा बनाया, प्राण डाले उस पुतले में फिर, और नाम उसे गणेशा दिया, आदेश दिया गणेश को तब, दरवाजे पर पहरा देना, कोई अंदर न आ

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