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घर से बाहर ज़रा न जाएँ |

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12 -Apr-2020 DINESH CHANDRA SHARMA Natural Disasters Poems 0 Comments  447 Views
DINESH CHANDRA SHARMA

घर से बाहर ज़रा न जाएँ |
दूर रहें हम एक दूजे से, और कोरोना दूर भगाएं |
अगर जरूरत नही बड़ी हो, घर के बाहर ज़रा न जाएँ ||

ऐसा है कमबख्त कोरोना, बिलकुल भी न पड़े दिखाई |
मौत शिकंजा कस लेती है, लापरवाही ज़रा दिखाई |
खतरनाक ये बीमारी है, दुनिया इससे है परेशान |
दवा नही है इसकी कोई, डॉक्टर सारे हैं हैरान |
एक तरीका यही है केवल, आपस में दूरी अपनाएँ |
अगर जरूरत नही बड़ी हो, घर के बाहर ज़रा न जाएँ ||

नही कोरोना जिन क्षेत्रों में, लोग कहीं न धोखा खा लें |
आ नही पायेगा यह हम तक, ज़रा भी ऐसा भ्रम न पालें |
चुपके से बिन आहट के ही, जाने कब यह आ जाएगा |
बिना सूचना और खबर के, हमें संक्रमित कर जाएगा |
घर में जितने प्रियजन भी हैं, सारे इसकी जद में आयें |
अगर जरूरत नही बड़ी हो, घर के बाहर ज़रा न जाएँ |

बैंक मंडियों और सड़क पर, भीड़ उमडती कितनी सारी |
मानो आमंत्रित करती हो, संग हमारे चलो बीमारी |
अभी स्वस्थ हैं परिजन मेरे, और अछूता घर है मेरा |
कोरोना स्वागत करता हूँ, चलकर तुम वहाँ डालो डेरा |
अब भी जागे मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी अपनाएँ |
अगर जरूरत नही बड़ी हो, घर के बाहर ज़रा न जाएँ ||
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