Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

राधाकृष्ण

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12 -Jun-2020 Mamta Rani God Poems 0 Comments  86 Views
राधाकृष्ण

राधेकृष्ण की प्रीत अनोखी जो जग ने ना देखी होगी प्रेम है उनका ऐसा अनूठा जो छोड़े ना ही छूटी होगी राधेकृष्ण है एक दूजे के संग प्रेम ना ऐसी देखी होगी प्रेम है उनका सबसे सच्चा जो बिन बांधे बंधी होगी नाम भी हैं एक दूजे क

राह तके हैं नैन

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31 -May-2020 Mamta Rani God Poems 0 Comments  180 Views
राह तके हैं नैन

राह तके हैं नैन कबसे दिल में मधुर ये आस रहे रीत मिलन की आयी है चलो मिलने का प्रयास रहे राधा कहाँ दूर रह पायी है कृष्ण के अस्तित्व से दूर रहके भी दूरी का थोड़ा भी ना आभास रहे जीवन के हर मोड़ पे कान्हा तेरा सदा साथ हो चेह

अब सांस मेरा लौटा देना

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05 -May-2020 Bijendra Aehsas God Poems 0 Comments  341 Views
अब सांस मेरा लौटा देना

%#अब सांस मेरा लौटा देना#% ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ दूर गगन कि पंछी को पैरो तले कुचाला था, जवानी कि गर्दिश मे खोजा समुद्र तले निवाला था। अपनी हाथों कि कुल्हाड़ी अपने पैरों पर वॉर हुआ। आज हार गया हूं अपना घमंड तो चकनाचूर

गौरी माँ (वधू परछन गीत)

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20 -Feb-2020 Ankita Singh God Poems 0 Comments  401 Views
गौरी माँ (वधू परछन गीत)

नंदी पर होकर सवार, आई शिव नार , भोले बाबा की नगरिया l तन सोहे सोलह श्रंगार, कंठ कमल दल हार , मंगिया में सिंदूर लाल , आई भोले बाबा की दुल्हनिया l नंदी पर होकर सवार , आई शिव नार, भोले बाबा की अटरिया l कैलाश छाई खुशियाँ अपार ,

जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम।

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30 -Sep-2019 Anil Mishra Prahari God Poems 0 Comments  735 Views
जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम।

जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम। टूटा मन है हारा - हारा भवसागर का नहीं किनारा, जग की आँधी में बल इतना जोर लगाऊँ अब मैं कितना? अनजानी राहों में मंजिल धरने वाले राम जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम। जग वैरी स

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