Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

गौरी माँ (वधू परछन गीत)

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20 -Feb-2020 Ankita Singh God Poems 0 Comments  232 Views
गौरी माँ (वधू परछन गीत)

नंदी पर होकर सवार, आई शिव नार , भोले बाबा की नगरिया l तन सोहे सोलह श्रंगार, कंठ कमल दल हार , मंगिया में सिंदूर लाल , आई भोले बाबा की दुल्हनिया l नंदी पर होकर सवार , आई शिव नार, भोले बाबा की अटरिया l कैलाश छाई खुशियाँ अपार ,

जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम।

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30 -Sep-2019 Anil Mishra Prahari God Poems 0 Comments  623 Views
जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम।

जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम। टूटा मन है हारा - हारा भवसागर का नहीं किनारा, जग की आँधी में बल इतना जोर लगाऊँ अब मैं कितना? अनजानी राहों में मंजिल धरने वाले राम जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम। जग वैरी स

Bheed bhari iss duniya me

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29 -Jul-2019 Pragya Sankhala God Poems 0 Comments  226 Views
Bheed bhari iss duniya me

Bheed bhari iss duniya me Har vykti akela hai Rishte Nate sab pal bhar ke Ek rab ka hi Sahara hai Apne Bhi hote paraye Inn aankho ne dekha hai Duke Bhare har ek pal se Tune hume Nikala hai Samjh jaye har ek prani yah Tujhse aisa nata hai Na kuch leta kabhi wo hamse Bas dete hi jata hai Pal me chin jata ye Jivan Karmo ka ye nata hai Bhaj le prani Hari bhajan Har pal yahi Sikhata hai

कनक मंजरी छंद "गोपी विरह"

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08 -May-2019 Naman God Poems 0 Comments  541 Views
कनक मंजरी छंद

कनक मंजरी छंद "गोपी विरह" तन-मन छीन किये अति पागल, हे मधुसूदन तू सुध ले। श्रवणन गूँज रही मुरली वह, जो हम ली सुन कूँज तले।। अब तक खो उस ही धुन में हम, ढूंढ रहीं ब्रज की गलियाँ। सब कुछ जानत हो तब दर्शन, देय खिला मुरझी कलिय

इंद्र वज्रा छंद "शिव पंचश्लोकी"

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06 -Apr-2019 Naman God Poems 0 Comments  436 Views
इंद्र वज्रा छंद

शिव पंचश्लोकी इंद्र वज्रा छंद आधारित चाहे पुकारे जिस हाल में जग शंकर महादेव हे ज्ञान राशी। पीड़ा हरे नाथ संसार की सब त्रिपुरारि भोले कैलाश वासी।। जब देव दानव सागर मथे थे निकला हलाहल विष घोर भारी। व्याकुल हुए सब

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