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Hey Maa Sharde Bhawani

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26 -Jan-2015 Shyam Snehi God Poems 0 Comments  2,354 Views
Hey Maa Sharde Bhawani

हे माँ शारदे भवानी
क्या कहूँ मैं अपनी वाणी
मातु मेरी कृपलानी।
हे माँ.........

तू है अगम अगोचर
थलचर,जलचर,नभचर
दे ज्ञान दृष्टि अब तो
रहूँ न कभी अग्यानी।
हे माँ शारदे.....

उतरे बुद्धि में जब तू
प्रखर धार तू धर दे
उत्कृष्ट विचार भर दे
लेखनी में धार कर दे
तू रुद्राणी, ब्रह्माणी।
हे माँ शारदे...

जैसा भी हूँ, तेरा बनूँ मैं जाया
दे-दे मुझे भी, निज आँचल की छाया
है तप्त हृदय,बरसा दे शीतल पानी।
हे माँ.........


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Hey Maa Sharde Bhawani


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