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Vandan Hai Maa

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14 -Oct-2015 Sunny Singh Yadav God Poems 0 Comments  1,906 Views
Sunny Singh Yadav

वंदन है मॉ वंदन है
तेरे चरणो मे मेरा वंदन है
दया को बरसाने वाली
क्रपा को लुटाने वाली
नत-मस्तक तुझको वंदन है
वंदन है मॉ वंदन है

कण-कण मे तु बसने वाली
हर पल मे तु रमने वाली
मेरे ह्रदय मे हमेशा तेरा अभिनंदन है
वंदन है मॉ वंदन है

दुखो को हरने वाली
सुखो की वरषा करने वाली
सबका भला करने वाली
मेरे जीवन रेखा पर एक तेरा प्रबंधन है
वंदन है मॉ वंदन है

मुझको अपना केहने वाली
मेरे कष्टो का निराकरण करने वाली
कभी न टुटे अपना ऐसा बंधन है
वंदन है मॉ वंदन है



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