Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

गोल

0
17 -Nov-2019 MANOJ POOSAM Moral Education Poems 0 Comments  52 Views
MANOJ POOSAM

गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल
चनदा मामा है गोल,हमारी धरती है गोल|

हमारी अंतरिश्र में सबी गरह है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

माता की बिनदी है गोल,पापा की रिनग है गोल
दादी की चसमा है गोल,दादा की घड़ी है गोल |

गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल
चाची की कीचन की टंकी है गोल|

चाचा के बाईक की सपीडो है गोल,बाईक के पहिए है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

मेरे ऑखों की पुतली है गोल, मेरे बटुयें मे रखे सिकके है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

मामा के घर मे रखी कार के पहिए है गोल
मामी के हाथों की चुडियॉ है गोल|

सूरज है गोल, चनदा है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

दीदी की बेलन-चौकी है गोल,कुकर है गोल
पानी के बुलबुले है गोल, गुबारें है गोल|

मेरे बचपन के कनचे है गोल,मेरा फुटबाल है गोल
किरकेट का बाल है गोल, अंपायर की टोपी है गोल|

किरकेट का मैदान है गोल,कैमरे के कॉच का लेंस है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

अबबा के टिफिन का डबबा है गोल, मममी की तकली है गोल
कंपयूटर के सीडी है गोल, पानी की टंकी है गोल|

बलब है गोल,अशोक चकर है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

मीठे लडडू है गोल, चकली है गोल,टिकिया है गोल
ऑगन का कुऑ है गोल, अमरूद है गोल|

मोती है गोल, ओखली है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|

हमारा जीरो है गोल,टोकरी है गोल
गोल है भाई गोल,पूरी दुनिया है गोल|


©2019MANOJ POOSAM



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017