Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

छत पर बैठे अक्सर हम.....!!!

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28 -Nov-2019 pravin tiwari Good Night Poems 0 Comments  1,284 Views
छत पर बैठे अक्सर हम.....!!!

छत पर बैठे अक्सर हम, आसमां को निहारा करते हैं....! चमकते हुए सितारों से, तेरी तस्वीर बनाया करते हैं....! तेरे माथे की बिंदिया में, हम चांद सजाया करते हैं....! जब मुस्कुराने लगती हो तुम, हम खुद भी मुस्कराया करते हैं....! कहते ह

नूर-ए-चांद से ये रात रोशन हुई.....!!!

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27 -Nov-2019 pravin tiwari Good Night Poems 0 Comments  812 Views
नूर-ए-चांद से ये रात रोशन हुई.....!!!

चरागों की लौं जब बुझने लगी, नूर-ए-चांद से ये रात रोशन हुई..... जमी पर सितारों ने रखें कदम, नींद से आंखें जब बोझिल हुई..... खिलने लगे रात रानी के फूल, बहती हवाएं भी महकने लगी..... टिमटिमाते हुए जुगनू ओ से, ये रात और भी हसीन हुई....

मीठा गीत है लोरी

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17 -Dec-2018 nil Good Night Poems 0 Comments  1,184 Views
मीठा गीत है लोरी

मीठा गीत है लोरी लेट गईमैं पलने में मम्मी मुझे सुना दे लोरी सुनते ही कानों में गूंजें /मीठे मीठे गीत आ जाते हैं चुपके चुपके /बन जातें हैं मीत जब मैं सुनती लगते मुझको आते हैं बो चोरी चोरी जैसे ही मम्मी तुम गाती /लगता

पलने में आनंद नवीनतम संग्रह से एक लोरी लैया पैया

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13 -Oct-2018 nil Good Night Poems 0 Comments  909 Views
पलने में आनंद नवीनतम संग्रह से एक लोरी लैया पैया

पलने में आनंद नवीनतम संग्रह से एक लोरी लैया पैया लोरी सुन सुन आती/निंदिया लैंया पैयां स्वप्न लोक की परियां /थामें उसकी बहियाँ चलती पैयां पैयां /मम्मी लेय बलैयां ज्यों ही लेती मुनियाँ /आई उस्क्लो निंदिया लगी देख

निंदिया (लौरी) / Lullaby

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27 -Sep-2018 Suresh Chandra Sarwahara Good Night Poems 0 Comments  1,406 Views
निंदिया (लौरी) / Lullaby

आजा री ओ निंदिया रानी मेरी बिटिया सुला सुला जा ! देख पालने में सोई है मेरी बिटिया प्यारी, यह मेरी आँखों की पुतली घर की राजदुलारी। कहीं बीच यह जग ना जाए आ धीरे - से झुला झुला जा। यह आँगन की पावन तुलसी केसर की है क्यारी,

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