Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मुझे सपनों में जीने की अब आदत हो गई...!!

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22 -Mar-2018 pravin tiwari Good Night Poems 0 Comments  1,059 Views
मुझे सपनों में जीने की अब आदत हो गई...!!

चरागों की लौं जब बुझने लगी, नूर-ए-चांद से ये रात रोशन हुई......! रात और भी हसीन लगने लगी, जब जुगनू ओ की लड़ी बन गई......! जमी पर सितारों ने रखें कदम, नींद से आंखें जब बोझिल हुई......! बंद पलकों में ख्वाब आने लगे, नींद में लबों पे मु

पलकों के हसीन ख्वाब लिए आई है रात सुहानी....!!

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18 -Feb-2018 pravin tiwari Good Night Poems 0 Comments  1,146 Views
पलकों के हसीन ख्वाब लिए आई है रात सुहानी....!!

पलकों के हसीन ख्वाब लिए, आई है रात सुहानी.... सितारों से भरे आसमान में, चांद निकलने की है तैयारी..... रात रानी के फूलों से, महक उठी फिज़ा ये सारी..... जुगनू ओ ने अपनी रोशनी से, रात्रि की सोभा ओर बढ़ाई.... दादी भी सुना रही बच्चो

Maa ki lori...!!

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11 -Sep-2016 pravin tiwari Good Night Poems 0 Comments  6,663 Views
Maa ki lori...!!

आजा तेरी पलकों में मैं ख्वाब सजाऊँ...!! तू सोजा मेरे लाल मैं तुझे लोरी सुनाऊँ...!! नींदीया रानी को मैं तेरे पास बुलाऊँ...! मीठे सपनों की दुनिया में तुझे ले चलूँ ...!! जहां होगी सितारों से भरी रोशनी...! परीओं के उस जहाँ मे तुझे

Nidiya

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16 -Jun-2016 Dr. A.D. Khatri Good Night Poems 0 Comments  990 Views
Nidiya

निंदिया रानी, जरा चुपके से आना, निंदिया रानी, निंदिया रानी, अंखियन में समाना, निंदिया रानी. प्यारा हमारा है सोने को आया, किए बंद अँखियाँ तुम्हें है बुलाया, निंदिया रानी. प्यारी सी निंदिया में उसको सुलाना, चंदा-सिता

Ratri Bela

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01 -Feb-2016 Anupama Gupta Kesharwani Good Night Poems 0 Comments  1,212 Views
Ratri Bela

उत्तर में ध्रुव तारा चमका रूप-दर्प से चंदा दमका सातों ऋषि अम्बर पर छाए दूर कहीं पर बेला गमका। शिशु का क्रन्दन हुआ कहीं पर ईश्वर वंदन हुआ महीं पर रात्रि-राग किसी ने छेड़ा शान्ति-सत्ता छाई कहीं पर। रजनीचर मुस्काए कह

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