Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

Achchhi dadi pyari dadi

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17 -Sep-2018 Harjeet Nishad Grandparents Poems 0 Comments  325 Views
Achchhi dadi pyari dadi

Achchhi dadi pyari dadi. Sare jag se nyari dadi. Sunder Sanskar sikhlati . Achchhi bat batati dadi. Ungali pakad sath le jati. Park ki sair karati dadi Nind nahin jab ati ham ko. Lori hamen sunati dadi. Sab per pyar lutati her pal Sab ke man ko bhati dadi.

दादी माँ का चश्मा

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24 -Jun-2018 nil Grandparents Poems 0 Comments  468 Views
दादी माँ का चश्मा

दादी माँ का चश्मा एक ओर का हैंडल टूटा कांच दूसरा आधा फूटा दादी को है नहीं मलाल करता है बो खूब कमाल घूर घूर सब ओर देखती रंगों के सब भेद परखती पल पल माला जपती जाती पूँछों तो झटपट बतलाती लाल गुलाब लाल बत्ती का हरा बबूल

मेरे दादा जी का गाँव

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मेरे दादा जी का गाँव

बौराई अमिया की डाली, जगह-जगह फैली हरियाली, मिट्टी की सोंधी खुश्बू की बादल करता था रखवाली, मिलकर हंसी ठिठोली करते बैठ यहाँ बरगद की छाँव, मेरे दादा जी का गाँव !! लालटेन का वो झिलमिल सा उजियारा, याद है मुझको कीचड़ वाला

मेरी दादी

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19 -Apr-2017 Suresh Chandra Sarwahara Grandparents Poems 1 Comments  5,622 Views
मेरी दादी

मेरी दादी _______________ दादी से था रहा महकता मेरे बचपन का संसार, मम्मी पापा से भी ज्यादा वह करती थी मुझसे प्यार। मुझे प्रेम से पास बिठाकर रोज खिलाती थी वह चीज, कितनी कितनी मैं जिद करती पर न उसे आती थी खीज । कभी दिखाई मैं ना

सुंदर नानी

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14 -Apr-2017 Anju Goyal Grandparents Poems 0 Comments  4,022 Views
सुंदर नानी

 नानी  मेरी  सुंदर  नानी   जग में सबसे न्यारी  नानी  मुझे  सुना दो एक  कहानी   तुम  हो  जग में  सबसे  ज्ञानी  बातें   तुम्हारी  सबसे  निराली  हम  बच्चो  की  तुम  हो दुलारी  पूजा  तुम  दिन  रात  करती   भगवान  को  तुम  खुश  

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