Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

दादी दादा

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15 -Feb-2019 nil Grandparents Poems 0 Comments  1,230 Views
दादी दादा

Jaijairam Anand February 13 at 10:37 AM · दादी रोज़ बिछातीखटिया दादा सोते ओढ़ रजैया भोर हुआ उठकर दादाजी सुडुप सुडुप कर पीते चैया [२] चन्दा तारे साथ हमारे सर में कूद नहाते दांत निपोरे बिबस बिचारे खड़े खड़े पछताते

Achchhi dadi pyari dadi

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17 -Sep-2018 Harjeet Nishad Grandparents Poems 0 Comments  965 Views
Achchhi dadi pyari dadi

Achchhi dadi pyari dadi. Sare jag se nyari dadi. Sunder Sanskar sikhlati . Achchhi bat batati dadi. Ungali pakad sath le jati. Park ki sair karati dadi Nind nahin jab ati ham ko. Lori hamen sunati dadi. Sab per pyar lutati her pal Sab ke man ko bhati dadi.

दादी माँ का चश्मा

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24 -Jun-2018 nil Grandparents Poems 0 Comments  1,235 Views
दादी माँ का चश्मा

दादी माँ का चश्मा एक ओर का हैंडल टूटा कांच दूसरा आधा फूटा दादी को है नहीं मलाल करता है बो खूब कमाल घूर घूर सब ओर देखती रंगों के सब भेद परखती पल पल माला जपती जाती पूँछों तो झटपट बतलाती लाल गुलाब लाल बत्ती का हरा बबूल

मेरे दादा जी का गाँव

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मेरे दादा जी का गाँव

बौराई अमिया की डाली, जगह-जगह फैली हरियाली, मिट्टी की सोंधी खुश्बू की बादल करता था रखवाली, मिलकर हंसी ठिठोली करते बैठ यहाँ बरगद की छाँव, मेरे दादा जी का गाँव !! लालटेन का वो झिलमिल सा उजियारा, याद है मुझको कीचड़ वाला

मेरी दादी

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19 -Apr-2017 Suresh Chandra Sarwahara Grandparents Poems 1 Comments  8,536 Views
मेरी दादी

मेरी दादी _______________ दादी से था रहा महकता मेरे बचपन का संसार, मम्मी पापा से भी ज्यादा वह करती थी मुझसे प्यार। मुझे प्रेम से पास बिठाकर रोज खिलाती थी वह चीज, कितनी कितनी मैं जिद करती पर न उसे आती थी खीज । कभी दिखाई मैं ना

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