मेरी दादी

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19 -Apr-2017 Suresh Chandra Sarwahara Grandparents Poems 1 Comments  3,347 Views
मेरी दादी

मेरी दादी _______________ दादी से था रहा महकता मेरे बचपन का संसार, मम्मी पापा से भी ज्यादा वह करती थी मुझसे प्यार। मुझे प्रेम से पास बिठाकर रोज खिलाती थी वह चीज, कितनी कितनी मैं जिद करती पर न उसे आती थी खीज । कभी दिखाई मैं ना

सुंदर नानी

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14 -Apr-2017 Anju Goyal Grandparents Poems 0 Comments  2,012 Views
सुंदर नानी

 नानी  मेरी  सुंदर  नानी   जग में सबसे न्यारी  नानी  मुझे  सुना दो एक  कहानी   तुम  हो  जग में  सबसे  ज्ञानी  बातें   तुम्हारी  सबसे  निराली  हम  बच्चो  की  तुम  हो दुलारी  पूजा  तुम  दिन  रात  करती   भगवान  को  तुम  खुश  

दादी माँ की कहानी

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17 -Nov-2016 poet harsh Grandparents Poems 0 Comments  2,478 Views
दादी माँ की कहानी

ये मै अपनी दादी माँ का जीवनी जैसा कि उन्होंने बताया, ये वैसा लिखने का प्रयास किया है। उनके जगह अपने को रख के उनके जज्बातों को कद्र करके लिखा हूँ। इसमें एक भी बात मै अपनेे मन से नहीं लिखा हूँ। जो दादी मुझे बताई वही उ

Dadi

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16 -Jul-2016 प्रदीप Grandparents Poems 2 Comments  6,155 Views
Dadi

न खिडकी और दरवाजा न रोशनदान कहते है। घर के इन बडे बूढो को घर की शान कहते है। न समझे इनकी मजबूरी और इनको जोभी आँसू दे उसे इंसान की बस शक्ल मे शैतान कहते है। मयस्सर है जिन्हे भी इन पुराने पेडो़ की छाया उन्हीं सबको तो क

Dadi Boli

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21 -Jun-2016 Prabhudayal Shrivastava Grandparents Poems 0 Comments  5,142 Views
Dadi Boli

जितनी ज्यादा बूढ़ी दादी, दादा उससे ज्यादा। दादी कहती 'मैं' शहजादी, और दादा शहजादा। दादी का यह गणित नातियों, पोतों को ना भाता। बूढ़े लोगों को क्यों मानें, शहजादी-शहजादा। दादी बोली, अरे बुढ़ापा, नहीं उमर से आता। जिनक

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