Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Dada-Dadi Nana-Nani

9
29 -Mar-2015 Dr. Parshuram Shukla Grandparents Poems 1 Comments  52,703 Views
Dr. Parshuram Shukla

दादा-दादी, नाना-नानी,
सारे जग से न्यारे।
सीधे सच्चे, सबसे अच्छे,
मुझको लगते प्यारे।।

पापा-मम्मी करें नौकरी,
दोनों आॅफिस जाते।
घर में उनके मम्मी-पापा,
अतः नहीं घबराते।।

रोज सवेरे बस्ता लेकर,
मैं भी पढ़ने जाता।
पापा आते आठ बजे तक,
मैं जल्दी आ जाता।।

दादाजी को मैं शाला के,
नियमित हाल सुनाता।
इसी समय खाना टेबल पर,
गरम- गरम आ जाता।।

दादा- दादी, नाना- नानी,
साथ हमारे खाते।
और बीच में खाने के वे,
बातें खूब बनाते।।

बच्चों सी वे बातें करते,
अपने बचपनवाली।
शाला की, घर की, शादी की,
बातें सभी निराली।।

कभी-कभी मम्मी, पापा की,
बातें भी वे करते।
लेकिन उनकी बातें करने,
में लगता है डरते।।

बात बदल देता हूँ तब मैं,
या फिर शोर मचाता।
या अगले दिन का मैं अपने,
होमवर्क ले आता।।

क्या होता है? क्यों होता है?
बात सभी हम जानें।
लेकिन जानबूझ कर हरदम,
बनते हैं अनजानें।।

अपने मन में सोच रहा यह,
खूब बड़ा हो जाऊँ।
सेवा करके मैं इन सबकी,
जीवन सफल बनाऊँ।।



Dedicated to
Grand Parents Day

Dedication Summary
Grand Parents Day 12 September

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

1 More responses

  • poemocean logo
    Rakshita (Guest)
    Commented on 01-March-2017

    Very heart touching poem for grandparents.

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017