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गुरु की महिमा

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14 -Jul-2022 nil Guru Mahima Poem 0 Comments  185 Views
गुरु की महिमा

गुरु की महिमा

देखो तो संसार में ,जीवन पथ पर शूल
चलना गुरु कृपा बिना ,होगी भारी भूल

भारत तो करता रहा ,गुरुओं का सम्मान
इसीलिए गुरुपूर्णिमा ,पर सबको अभिमान

बतलाता इतिहास यह ,साधू संत फ़कीर
गुरु कृपा से ही बने ,गुरु रैदास कबीर

जन गन मन जब गारहा ,गुरु गरिमा गुण गान
हम सब क्यों पीछे रहें ,,करने में सम्मान

आओ मिलजुल हम करें ,गुरु जी का सम्मान
उससे हम सबको मिले ,,उसका शुभ परिणाम

सीना ताने हम बढ़े ,गुरुकृपा के साथ
गुरु चरणों में माथ हो,,जोड़ें दोनों हाथ

जहां तहां पर होरहा ,गुरुओं का अपमान
कलियुग की पहचान है,फ़ैल रहा अज्ञान

गुरु की महिमा है अरे,सचमुच अपरम्पार
नाव फंसी मझधार में ,गुरू उतारे

गुरु की महिमा के लिए ,मिले नहीं उपमान
खोज खोज कर थक गए ,साधू संत महान

गुरु में तो बसते सदा ,ब्रह्मा विष्णु महेश
जिनकी गाथा गा रहे ,तारे चाँद दिनेश
डॉ जयजयराम आनंदथ



Dedicated to
सभी काव्य प्रेमियों को

Dedication Summary
गुरु के महत्व की गौरवगाथा गाते दोहे

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