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गुज़ारिश

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01 -May-2021 Harpreet Ambalvee Love Poem 0 Comments  157 Views
गुज़ारिश

रुक जाओ कभी जिंदगी में,
अगर खामोश होकर,
बैठ जाना मेरे पास फिर से,
मेरी आगोश होकर,
मैं तुम्हारी यादों में जिंदा रहूंगा,
मुझे कभी मत भुलाना,
बस हर रोज़ कह देना,
कल जरूर आना,

अगर तू टूट जाएगी तो,
मैं तुझे थाम लूंगा,
मुझे साया ही समझना अपना,
तेरा हर जगह पर साथ दूंगा,
मैं तुम्हें देखता रहूंगा,
और तुम दुनिया जीत जाना,
बस मुझे एक बार, कहना,
कल जरूर आना,

फितरत जानता हूं मैं,
इस बेदर्द ज़माने की,
मगर तुम सच ही कहना,
नहीं ज़रूरत किसी बहाने की, चलती रहेगी जिंदगी यू ही,
कभी किसी का आना और जाना,
तेरे हर कदम के साथ,
मै था, मै हूं और हमेशा रहूंगा,
तुम मत घबराना,
बस एक बार यू ही, गुनगुनाना
कल जरूर आना,

ये सच जानता हूं मै ,
जाने वाला वापिस नहीं आता,
जो कमी हो गई किसी की,
वो कोई पूरी कर नहीं पाता,
एक एहसास ही तो है,
जो किसी को ज़िन्दा रखता है,
वरना कौन अकेले रहकर,
ज़िन्दगी को सन्न रखता है,

प्यार,सपना,झूठ,पागलपन,
कुछ भी तुम इसे कह लो,
मकसद अम्बालवी का बस,
ज़िन्दगी का तुझ से,
फिर से तार्रुफ़ करवाना,
बस एक गुज़ारिश है, हस दो,
अब चलता हू कि मुझे कल फिर है आना,
एक बार दोहरा दो कि कल ज़रूर आना।

गुज़ारिश


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