Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हाँ मैं उड़ जाना चाहती हूँ


Haan Main Ud Jana Chahati Hoon : It is a motivational or prerak poem on women who want to get success and an Ideal for other. This is a poem about a women who is working as a house wife and is fulfilling the responsiblilities of family. She is doing what the other are saying to do. But now she want to live her life in her own way.

26 -Dec-2017 Akshunya Motivational Poems 0 Comments  1,696 Views

हाँ, मैं उड़ जाना चाहती हूँ,
सोने के पिंजरे को तोड़ नील गगन में उड़ जाना चाहती हूँ।
सोने की थाली में परोसे पकवानो को छोड़,
चोना चोगे से पेट भरना चाहती हूँ।
मालिक की पुचकार से दूर,
शेर की दहाड़ सुनना चाहती हूँ ।
हाँ, मैं उड़ना चाहती हूँ ।।

कठपुतली की तरह नाची हूँ बहुत,
अब अपने मन के इशारे पर नाचना चाहती हूँ।
रंग बिरंगे पंखों को काट, रेशमी आवरण ओढ बैठी थी अब तक,
अब कटे पंखों को लेकर मैं फुदकना चाहती हूँ।
हाँ मैं उड़ जाना चाहती हूँ।।

जिम्मेदारियों की बेड़ियों में बंधी थी अब तक,
इसे तोड़ अब आज़ाद घूमना चाहती हूँ।
नीले आकाश के इन्र्दधनुष को देखा है, अब तक बहुत,
एक बार खुले पंखों से उसे छू लेना चाहती हूँ।
हाँ, मैं उड़ जाना चाहती हूँ।।

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