Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Naya sal is tarah manayen

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02 -Jan-2020 Harjeet Nishad Happy New Year Poem 0 Comments  231 Views
Naya sal is tarah manayen

Naya varsha aao kuchh is tarah manayen. Bhukhe ko bhojan den pyase ko jal pilayen Dukh ka pal kisi ke bhi jeevan men na aye. Nafaraten hon door prem sager laharaye. Pyar sabhi ko den aur pyar sab se payen. Naya varsha aao kuchh is tarah manayen. Naya sal her gher angan men khushi laye. Andhere mit jayen sare thoker na koi khaye. Mayusiyon ko mil ker aao door bhagayen. Naya varsha aao kuchh is tarah manayen. Ek duje ko pyar den aur pyar ham payen. Dukh sabke door hon gam kisi ko na satayen. Safalatayen ham sabhi ke jeevan men ayen. Naya varsha a

नये साल की नई सुबह........!!

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31 -Dec-2019 pravin tiwari Happy New Year Poem 0 Comments  473 Views
नये साल की नई सुबह........!!

नये साल की नई सुबह में, उठे हम बड़ी शान से......! बीवी जी फिर आ कर बोली, आज का क्या प्रोग्राम है......? ऑफिस से आज छुट्टी लेलो, कहना बीवी का यह फरमान है......! बुला लेना अपने दोस्तों को‌, आज जश्न का पुरा इंतजाम है......! खाने-पीने के सा

नया साल

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31 -Dec-2019 Abbas Bohari Happy New Year Poem 0 Comments  358 Views
नया साल

गुज़रे सालका आज कर लू हिसाब खोलकर अपने आमाल की किताब चंद नेकियोंके मालिक देना सवाब बचा लेना गर है गुनाहोंके अज़ाब मुड़कर देखु आती क़ोताहिया नज़र होती रही उन्ही राहों से राहगुज़र देखु किसका कितना मिलेगा अज़र मजबूत कर ल

बेहतर होगा २०२० का साल......!!!

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31 -Dec-2019 pravin tiwari Happy New Year Poem 0 Comments  529 Views
बेहतर होगा २०२० का साल......!!!

कुछ ही घंटे बचे हैं अब, नये साल के आने में बीते दिनों को संजो लो, अपनी यादों के फसाने में, क्या खोया क्या पाया हमने उन बीते दिन महीनों में, इस बात का मलाल छोड़ दो, तुम आने वाले सालों में, कोशिश करने से बदलेगा नसीबा, ये ब

नया साल मुबारक हो।

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03 -Jan-2019 सुमित.शीतल Happy New Year Poem 0 Comments  1,036 Views
नया साल मुबारक हो।

कविता: नया साल मुबारक हो। सभी सर्वजनो को मुबारक हो नया साल, सदा रहे आप हम और विश्व सदा खुशहाल। सेना रूपी दीपक भारत मां के जवानो को, कुर्बान कर देते प्राण तक देश की आन-बान को। जो मरकर भी नही भूलते भारत-मां के एहसानो क

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