Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हर मां का यही अरमान है......!!!

0
12 -Dec-2018 pravin tiwari Family Poems 0 Comments  492 Views
हर मां का यही अरमान है......!!!

गुज़र गया वो जमाना,
जब सास बहू को सताया करती थी.....

आज के दौर में तो,
बहू ही सास को रूलाया करती है.....

ना जाने कैसी बहू आएगी,
इसी चिंता में हर सास रहा करती है.....

जुदा ना कर दे कंही बेटे को,
इस बात से आज हर मां डरती है.....

*****

नव महिने जिसे कोख में पाला,
भूख लगी तो छाती से लगाया.....

ख़ुद को भुल कर जिसे संभाला,
रात भर जाग कर जिसे सुलाया,

उस पल खुशी से रो पड़ी थी मां,
जब बेटे ने मां कह कर बुलाया,

अपनी ख्वाहिशों को त्याग कर,
बेटे के हर सपनों को सजाया,

लायक़ बना कर बेटे को अपने,
मां ने अपना फ़र्ज़ खूब निभाया,

बस अरमान यही अब मां का बेटे....

एक सुंदर, सुशील, गुणवान बहू,
अब तू इस घर में भी लादे....

सास ससुर को जो मां बाप माने,
इस घर को जो प्यार से संभाले.....

बेटी की तरह रखूंगी उसको,
हर अधिकार उसे मैं दूंगी....

पोते पोतियों के अंदर मैं,
तेरा बिता बचपन देखूंगी....

बस सपना यही है मेरा की,
एसा हंसता खेलता हमारा परिवार हो.....

मेरी गोद में तू इस दुनिया में आया,
तेरी दोग में ही मेरी आखरी सांस हो......!!!!

Pravin..........



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017