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होली आई, होली आई

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01 -Mar-2018 Rohit kumar Ambasta Holi Poems 0 Comments  340 Views
Rohit kumar Ambasta

होली आई, होली आई
झूमें सारी दुनियाँ
कोई झूमे प्रेम के रंग में,
कोई झूमे कृष्ण के रंग में
प्रेम सुधा बरसाने आई
होली आई, होली आई||

आज मिटा कर भेद दिलों के
गले लगाकर सबको अपने
जाति, धर्म का भेद मिटा कर
द्वेष दिलों का करने दूर
होली आई, होली आई||

देवर भाभी के संग खेले
खेले जीजा साली के संग
प्रेमीका के संग प्रेमी खेले
साजन खेले सजनी के संग
प्रेम रंग मे रंगने आई
होली आई, होली आई||

कहीं अवध में राम की होली
कहीं बिरज में श्याम की होली
कहीं गुलाबी गाल की होली
कहीं भांग, लठमार की होली
रंगों की रंगोली लाई
होली आई, होली आई||

कहीं बच्चों की न्यारी होली
भोली-भाली प्यारी होली
दहीबड़े और पूए वाली
पिचकारी और टोपी वाली
टोली वाली मस्ती लाई
होली आई, होली आई||

©रोहित कुमार अम्बष्ट
शिव पहाड़, दुमका (झारखण्ड)
Post No-6



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