Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

होली का त्योंहार / Holi ka Tyohar

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22 -Mar-2019 mannu bhai Holi Poems 0 Comments  169 Views
होली का त्योंहार / Holi ka Tyohar

*होली का त्योंहार* होली का है यह खेल निराला। खेल रहा है हर नर और बाला। सबने खुद को प्रेम रंग में ढाला। त्योंहार मना रहे है रंगों वाला। आओ सब साली और साला। पीके सब भांग का एक प्याला। लगा कर के रंग कोई आला। सब को बनाये

होली है.../ Holi Hai

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22 -Mar-2019 Deepak Holi Poems 0 Comments  208 Views
होली है.../ Holi Hai

रंगों को आज नवजीवन मिला, जब उनका पानी से मिलन हुआ, पुलकित है अंदर ही अंदर उनका मन, अगाध स्नेह सह प्रेम जब से हुआ... प्रलाप करते दोनों मिल आज, हम दोनों के बीच ये कैसा राज ? तुम रंगहीन और मैं भी सुखी हूँ, मिलने से सभी के चेह

कौन कहता, कि मैं रंग नहीं खेलता?

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21 -Mar-2019 Satyam Devu Holi Poems 0 Comments  345 Views
कौन कहता, कि मैं रंग नहीं खेलता?

कौन कहता, कि मैं रंग नहीं खेलता? ख्वाहिशें नहीं रंग लगाने की, ख्वाहिशें है आपके रंगों में रंगे रह जाने की। जी नहीं करता कभी रंग बदलने की।। आपके रंगों ने हर रंग को कर दिया है फीका। मैं तो हमेशा लगाए हूं फिरता। आप तो र

होली की खुशियाँ

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20 -Mar-2019 nil Holi Poems 0 Comments  224 Views
होली की खुशियाँ

होली की खुशियाँ गाती हम बच्चों की टोली /नाचो गाओ आई होली करती हंसी मज़ाक ठिठोली /गालों पर् रंगती रंगोली हम हँसोड़ बच्चोंकी टोली /दागे पिचकारी से गोली सराबोर करदे तन मन को/हँस हँस गले मिले सबको ऐसी बैसी बातें भूलें /ग

होली के हुरियारे सब

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19 -Mar-2019 DINESH CHANDRA SHARMA Holi Poems 0 Comments  291 Views
होली के हुरियारे सब

शांतिदूत बन कर आ जाएँ , होली के हुरियारे सब | जग में भाई-चारा लायें , होली के हुरियारे सब || घृणा बैर भाव जल जाए , होली के अंगारों में | वसुधा को परिवार बनाएं , होली के हुरियारे सब || होली की गुझिया को छूकर , मीठी मीठी चलें ह

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