Latest poems on indian republic days, 26 january, gantantra diwas, swadhinta diwas

आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली.....!!

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01 -Mar-2018 pravin tiwari Holi Poems 0 Comments  219 Views
आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली.....!!

रंगों ने रंग दी रंगोली.... आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली..... मन रंग दो तन‌ रंग दो.... रंग दो आज ये दुनिया सारी.... बन के मस्तानो की टोली..... आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली..... भर के रंगों की पिचकारी..... रंग दो चुनरिया कोरी कोरी.....

होली आई, होली आई

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01 -Mar-2018 Rohit kumar Ambasta Holi Poems 0 Comments  184 Views
होली आई, होली आई

होली आई, होली आई झूमें सारी दुनियाँ कोई झूमे प्रेम के रंग में, कोई झूमे कृष्ण के रंग में प्रेम सुधा बरसाने आई होली आई, होली आई|| आज मिटा कर भेद दिलों के गले लगाकर सबको अपने जाति, धर्म का भेद मिटा कर द्वेष दिलों का करने

आई होली आई देखो खुशियों के रंग लिए.....!!

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01 -Mar-2018 pravin tiwari Holi Poems 0 Comments  182 Views
आई होली आई देखो खुशियों के रंग लिए.....!!

दिलों में उमंग लिए..... प्यार का तरंग लिए..... आई होली आई देखो खुशियों के रंग लिए..... रिश्तों में मिठास लिए..... अपनों को साथ लिए..... आई होली आई देखो खुशियों के रंग लिए..... बुराई को फूंक के..... अच्छाई को साथ लिए..... आई होली आई देखो खु

Sab Khelo Holi

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28 -Feb-2018 Kamal Singh Chauhan Holi Poems 0 Comments  130 Views
Sab Khelo Holi

Siyar ne bigul bajaya, soya jangal dekho jaga. bandariya ne mari pichkari, bandar utha sarpat bhaga. Chhalang lagaaye khargosh aaya, bhaloo ne surtaal milaya. hathi data jhoomate aaye, manaane holi har koi bhaaga. Sab baithe vrikshon ke niche, gilhari boli aankhein meeche, hilmil kar sab holi khelo, sher ke bhitar raja jaga. Pichkari ab sabane thaami, tota maina naami girami, ji bharkar rang dala sabne, prem pyar ab sab mein jaga.

Holi Aai, Masti Chhai

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28 -Feb-2018 Kirti Srivastav Holi Poems 0 Comments  213 Views
Holi Aai, Masti Chhai

Holi aai, holi aai, bachcho par hai masti chhaij. Pahale pahan purane kapade, huriyaron ki toli aai. Sabke chehre range-pute hain, ek-duje ki hansi udai. Bachchon ko aai rulai, Mummy ne jab ki ragadai. Agale saal nahin khelenge, iss baar fir kasam hai khai.

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