Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कौन कहता, कि मैं रंग नहीं खेलता?

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21 -Mar-2019 Satyam Devu Holi Poems 0 Comments  1,020 Views
कौन कहता, कि मैं रंग नहीं खेलता?

कौन कहता, कि मैं रंग नहीं खेलता? ख्वाहिशें नहीं रंग लगाने की, ख्वाहिशें है आपके रंगों में रंगे रह जाने की। जी नहीं करता कभी रंग बदलने की।। आपके रंगों ने हर रंग को कर दिया है फीका। मैं तो हमेशा लगाए हूं फिरता। आप तो र

होली की खुशियाँ

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20 -Mar-2019 nil Holi Poems 0 Comments  480 Views
होली की खुशियाँ

होली की खुशियाँ गाती हम बच्चों की टोली /नाचो गाओ आई होली करती हंसी मज़ाक ठिठोली /गालों पर् रंगती रंगोली हम हँसोड़ बच्चोंकी टोली /दागे पिचकारी से गोली सराबोर करदे तन मन को/हँस हँस गले मिले सबको ऐसी बैसी बातें भूलें /ग

होली के हुरियारे सब

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19 -Mar-2019 DINESH CHANDRA SHARMA Holi Poems 0 Comments  699 Views
होली के हुरियारे सब

शांतिदूत बन कर आ जाएँ , होली के हुरियारे सब | जग में भाई-चारा लायें , होली के हुरियारे सब || घृणा बैर भाव जल जाए , होली के अंगारों में | वसुधा को परिवार बनाएं , होली के हुरियारे सब || होली की गुझिया को छूकर , मीठी मीठी चलें ह

आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली.....!!!

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19 -Mar-2019 pravin tiwari Holi Poems 0 Comments  577 Views
आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली.....!!!

गीत फागुन के गाए हमजोली, आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली... भीगे मोरी चोली भीगे रे चुनरिया, रंग दो न तुम मुझे आज ऐसे सांवरिया... रंग लीए कबसे बैठी है राधा रानी, आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली... गीत फागुन के....... तुमसे तो मेर

प्रेम रंग होली का

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14 -Mar-2019 Naren Kaushik Holi Poems 0 Comments  481 Views
प्रेम रंग होली का

आओ मनाऐ रंगो का त्यौहार यो होली, खुशियो की लाया भर के यो झोली -2 लेकिन जानलो क्यो हैं मनाते त्यौहार यो होली जाने क्यो कहते हमे सब मूर्ख अज्ञानी प्रकृति के उपास्क पूर्वज हमारे थे विज्ञानी कौन बताये होलिका दहन का मत

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