Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली.....!!!

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19 -Mar-2019 pravin tiwari Holi Poems 0 Comments  89 Views
आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली.....!!!

गीत फागुन के गाए हमजोली, आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली... भीगे मोरी चोली भीगे रे चुनरिया, रंग दो न तुम मुझे आज ऐसे सांवरिया... रंग लीए कबसे बैठी है राधा रानी, आओ रे कन्हाई संग खेलें आज होली... गीत फागुन के....... तुमसे तो मेर

प्रेम रंग होली का

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14 -Mar-2019 Naren Kaushik Holi Poems 0 Comments  77 Views
प्रेम रंग होली का

आओ मनाऐ रंगो का त्यौहार यो होली, खुशियो की लाया भर के यो झोली -2 लेकिन जानलो क्यो हैं मनाते त्यौहार यो होली जाने क्यो कहते हमे सब मूर्ख अज्ञानी प्रकृति के उपास्क पूर्वज हमारे थे विज्ञानी कौन बताये होलिका दहन का मत

होली से पहले पापा क्यो घर आए है......?

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02 -Mar-2019 Piyush Raj Holi Poems 2 Comments  325 Views
होली से पहले पापा क्यो घर आए है......?

"एक सात साल का बच्चा अपनी माँ से पूछता है जब उसके पापा होली से पहले तिरंगे में लिपटकर घर आते है ,जबकि उसकी माँ ने कहा था तुम्हारे पापा होली में आएंगे तब बच्चा अपनी माँ से घर और माँ के हालात देखकर कुछ सवाल करता है ...."(प

आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली.....!!

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01 -Mar-2018 pravin tiwari Holi Poems 0 Comments  663 Views
आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली.....!!

रंगों ने रंग दी रंगोली.... आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली..... मन रंग दो तन‌ रंग दो.... रंग दो आज ये दुनिया सारी.... बन के मस्तानो की टोली..... आ ओ खेले इस फागुन प्यार की होली..... भर के रंगों की पिचकारी..... रंग दो चुनरिया कोरी कोरी.....

होली आई, होली आई

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01 -Mar-2018 Rohit kumar Ambasta Holi Poems 0 Comments  504 Views
होली आई, होली आई

होली आई, होली आई झूमें सारी दुनियाँ कोई झूमे प्रेम के रंग में, कोई झूमे कृष्ण के रंग में प्रेम सुधा बरसाने आई होली आई, होली आई|| आज मिटा कर भेद दिलों के गले लगाकर सबको अपने जाति, धर्म का भेद मिटा कर द्वेष दिलों का करने

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