Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हमें ना बोलो प्रेम विरोधी

0
14 -Feb-2021 bharat Valentine Poem 0 Comments  473 Views
bharat

आज वैलेंटाइन डे पर विशेषतया लिखी मेरी कविता समीक्षा हेतु सादर प्रस्तुत है

शीर्षक:- हमें ना बोलो प्रेम विरोधी

धरा कृष्ण की हम कान्हा के हम पहचानें गहन रास को...
नमन प्रेम को, नमन नेह को, नमन चाह को नमन राग को...

रक्तशिरा में नेह प्रवाहित हृदय प्यार का ही मंदिर है..
सदा प्यार को हमने पूजा सत्यम शिवम् और सुंदर है..

लैला मजनू, सोनी महिवाल कब भूले हम हीर रांझ को..
नमन प्रेम को, नमन नेह को, नमन चाह को नमन राग को...

कहते हो तुम प्रेम विरोधी हमे नेह से नेह नहीं है..
रोज, प्रपोज, टेड्डी, आलिंगन, चुम्बन से परहेज़ यहीं है..

नादानों इतिहास को परखो रचा हमीने प्रेम फाग को...
नमन प्रेम को, नमन नेह को, नमन चाह को नमन राग को...

अपना राग न केवल तन से जन्मों तक के संग बनाते..
तुमने पाया बस एक दिवस हम जीवन भर रस रंग मनाते..

मैं तुम का अस्तित्व तिरोहित, सरसाते स्नेह बाग को...
नमन प्रेम को, नमन नेह को, नमन चाह को नमन राग को...

भारतेन्द्र शर्मा "भारत"
धौलपुर, राजस्थान



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017