Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हम सब है एक समान।

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17 -Aug-2020 सुमित.शीतल Human Being Poems 0 Comments  57 Views
हम सब है एक समान।

नमस्ते एहसास अपनेपन का ग्रुप परिवार। मैं सुमित अपनी एक और कविता आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं। आशा करता हूं कि आप सभी को ये कविता भी बहुत पसंद आयेगी। कृप्या करके आप सभी अपना प्यार और आशीर्वाद देकर कृतार्थ क

भाईचारे की भावना।

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17 -Aug-2020 सुमित.शीतल Human Being Poems 0 Comments  14 Views
भाईचारे की भावना।

नमस्ते एहसास अपनेपन का ग्रुप परिवार। मैं सुमित अपनी एक और कविता आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं। आशा करता हूं कि आप सभी को ये कविता भी बहुत पसंद आयेगी। कृप्या करके आप सभी अपना प्यार और आशीर्वाद देकर कृतार्थ क

ईर्ष्या व लालच का तिरस्कार है खुशी

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14 -Jul-2020 Dr. Swati Gupta Human Being Poems 0 Comments  576 Views
ईर्ष्या व लालच का तिरस्कार है खुशी

ख़ुशी- बचपन की यादों का उपहार है खुशी मिलजुलकर रहने में प्यार है खुशी, डाँट पापा की,माँ का दुलार है खुशी, भाई बहन के संग में त्यौहार है खुशी, प्रियतम की बाहों का हार है खुशी, बच्चों से महकता परिवार है खुशी, दोस्तों की

.. कोरोना संकटकाल में बेबस मजदूर .....

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17 -May-2020 Shivendra Singh Human Being Poems 0 Comments  401 Views
.. कोरोना संकटकाल में बेबस मजदूर .....

अपनो की भूख ने , शहरों की तरफ दौडा़या। शहरों में हमने अपना, एक आशियाना बनाया। किराये का मकान था, ऊधार का राशन-दाना । महीने भर में तनख्वाह मिलने का, एक जरिया था पुराना । फिर ऊधार के सारे पैसे चुकाना। दो - चार दिन की खुश

Kiraye ke makano main

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19 -Mar-2020 Devender Kãûšhîk Human Being Poems 0 Comments  294 Views
Kiraye ke makano main

किराए के मकानों में रहने वाले मुझे नया घर बनाने को कहते है। रोशनी को तरसे है जो उम्र भर मुझे सहर सजाने को कहते है। देव

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