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Humare shikshak

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05 -Sep-2016 Akshunya Teacher Day Poem 0 Comments  1,783 Views
Akshunya

शिक्षक देते हैं हमें दीक्षा,
कभी कभी लेते हैं वो हमारी परिक्षा।
कि कर सकें हम अपनी समीक्षा,
न होने दें व्यर्थ उनकी दीक्षा।
ऐसी होती है उनकी शिक्षा।।

शिक्षक सिखलाते हमें ज़िन्दगी जीने का तरीका,
दुनिया करे अपनी बंदगी, आ जाए वो सलीका।
फ़िर भी हो न अहंकार की गंदगी, सिखलाते वह तरीका;
न हो विचारों की मंदी कभी,
सदा चलें नेक राह पर एकत्रित सभी।

ऐसी रहती है मंशा हमेशा,
न डीगे अपनी राह से, बढ़ते रहें आगे हमेशा।
ऐसी होती है कोशिश , एक शिक्षक की हमेशा;
लोहा माने यह दुनिया जिसका हमेशा।
करें मान सम्मान, न होने दें किसी बच्चे, बूढ़े या स्त्री का अपमान, शिक्षा रहती है उनकी हमेशा।।

नमन करते बारंबार,
शिक्षक, मात-पिता का हरबार।।।



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