Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हुंकार हवा में

0
17 -Jun-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Youngster Poems 0 Comments  296 Views
N.K.M.[ LYRICIST ]

GANGSTER- SONG :- हुंकार हवा में
LYRICIST :- N.K.M. [ +916377844869 ]
LYRICS :-

::::----- INTRO PART ::::::----

धरती को कुरेद दिया,
पानी उससे छीन लिया...


धरती को कुरेद दिया,
पानी उससे छीन लिया...
उस पानी से खुद की प्यास बुझाते हम...


::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::


::::----- CHORUS PART ::::::----

घड़ियों का क्या करना हमको,
घड़ियों से आगे रहते हम...
हुंकार हवा में भरते हम तो,
परियों के दिल में बसते हम...


::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::

::::----- VERSE - 1 PART ::::::----

सामने जो बोले हमारे ,
उसकी खोपड़ी को तोड़ देते हम...
परम भक्त हैं भोले के,
जटाओं से उसके लिपटे रहते हम...

आसमां क्या कर लेगा,
उसके आगे भी ना झुकते हम...
बारिशों को छुपा के रख लेगा,
जानता है वो कौन हैं हम...

::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::

::::----- CHORUS PART ::::::----

घड़ियों का क्या करना हमको,
घड़ियों से आगे रहते हम...
हुंकार हवा में भरते हम तो,
परियों के दिल में बसते हम...


::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::

::::----- VERSE - 2 PART ::::::----

स्कूलों में फर्स्ट ना आए थे,
मार्क्सशीट में डस्ट ही लाए थे,
कोपियों में अंडे बरसाए थे,
मौज मस्ती वाले संडे मनाए थे,

पर गुटबाजी में नंबर वन पर हम
सर ऊपर रखकर शान से चलते हम,

::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::

::::----- CHORUS PART ::::::----

घड़ियों का क्या करना हमको,
घड़ियों से आगे रहते हम...
हुंकार हवा में भरते हम तो,
परियों के दिल में बसते हम...


::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017