Bichchhoo Ka Paryaay Garal

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19 -Sep-2017 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Insect Poems 0 Comments  39 Views
Bichchhoo Ka Paryaay Garal




Sabke Man Ko Bhaati Chinti

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18 -Dec-2016 Indresh Bhadauria Insect Poems 0 Comments  89 Views
Sabke Man Ko Bhaati Chinti




प्यारी सी जुगनू

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20 -Oct-2016 Mamta Rani Insect Poems 0 Comments  323 Views
प्यारी सी जुगनू

जुग-जुग जुगनू, प्यारी सी जुगनू। रात को आती, दिन को जाती। तारों सी चमचमाती जुगनू जुगनू के आने से, लगता है ऐसे। तारों की दुनिया में, तारें हों जैसे। जुग-जुग जुगनू, प्यारी सी जुगनू। जुगनू जब आती, अँधेरा दूर हो जाता। प्र

विष का बाण

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20 -Sep-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Insect Poems 0 Comments  120 Views
विष का बाण




जुगनूँ

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17 -Sep-2016 Suresh Chandra Sarwahara Insect Poems 0 Comments  205 Views
जुगनूँ

जुगनूँ (बाल कविता) ________________________ चमक रहे हैं जुगनूँ टिमटिम बागों में होते ही शाम, जैसे नन्हे दीप जल रहे दृश्य हुआ कैसा अभिराम। जगमग जगमग करते रहते इधर उधर उड़ते ये भृंग, मनभावन शीतल प्रकाश को देख सभी रह जाते दंग। पीली ल

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