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ईर्ष्या व लालच का तिरस्कार है खुशी

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14 -Jul-2020 Dr. Swati Gupta Human Being Poems 0 Comments  519 Views
Dr. Swati Gupta

ख़ुशी-
बचपन की यादों का उपहार है खुशी
मिलजुलकर रहने में प्यार है खुशी,
डाँट पापा की,माँ का दुलार है खुशी,
भाई बहन के संग में त्यौहार है खुशी,
प्रियतम की बाहों का हार है खुशी,
बच्चों से महकता परिवार है खुशी,
दोस्तों की टोली में मज़ेदार है खुशी,
छोटी सी बातों में भी अपार है खुशी,
दूसरों के सुख में अपरम्पार है खुशी,
ईर्ष्या व लालच का तिरस्कार है खुशी,
आत्मसंतुष्टि का मन में विचार है खुशी,
प्रेम और सौहार्द का संचार है खुशी।
By:Dr Swati Gupta



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