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***इश्क हरदम कोई लिखता होगा***

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18 -Dec-2015 अनन्य Memories Poems 0 Comments  969 Views
अनन्य

सिमटे हैं जमाने जो मेरे यादों की छुअन से,
इक दौर सही उसका भी मगर सिमटा होगा l


मुमकिन ही नहीं कि इश्क का बादल छंट जाये,
ये वो शय है जिसे हरदम कोई लिखता होगा l


मेरे आइने में उसके सिवा मौजूद नहीं कोई,
कभी-कभी ही सही मेरा अक्स उसे दिखता होगा l


ये तलब जाने क्यूं मिटने का कभी नाम नहीं लेती,
सोचता हूं तलब नहीं तलबगार ही मिटता होगा l


सस्ती सी जिन्दगी के महंगे सामान जुटाने के लिये,
शेरों की शक्ल में अब भी एहसास कहीं बिकता होगा l


जिन्दगी रेत है जिसपे आंधी भी है मौजें भी हैं,
सोचता हूं ऐ सागर तेरा नाम कहां टिकता होगा ll


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-Er Anand Sagar Pandey



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