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इश्क जिसने भी किया वो दीवाना बन गया

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13 -Jan-2021 Vishal मिश्रा Break Up Poems 0 Comments  252 Views
इश्क जिसने भी किया वो दीवाना बन गया

इश्क जिसने भी किया वो दीवाना बन गया
कूचा ए इशक का बदनाम फसाना बन गया

शम्मा से दिल लगाकर परवाने जब खाक हुए
तब मोहब्बत का एक उसूल जान गवाना बन गया

इस दिल में जो सुराख करके तू चली गई कहीं
उसी सुराख से रोज किसी का आना जाना बन गया

हमसे ना पूछो कि हमने किस किसको खोया है
हमने जिसको भी अपना समझा वही बेगाना बन गया

जिस रोज से तू गुम हुआ है मेरे इन आंखों से जाना
उस रोज से ये अंधेरों के समंदर का ठिकाना बन गया

मेरे इस हाल पर तेरी कोई मेहरबानी तो नहीं
पर तेरा जाना तो मेरी आवारगी का बहाना बन गया

देखो सौक़ ए मोहब्बत इतनी भी बुरी नहीं है यारों
जिसने भी मात खाई वो शायर ए जमाना बन गया

मेज पर एक खाली जाम रखी थी तबीयत से मैने
मेरी आंखों से ये क्या गिरा की ये पैमाना बन गया

मोहब्बत के बाद उसने दोस्ती की तजविज़ भी रखी
उस रोज से मेरे लिए मोहब्बत गुजरा जमाना बन गया

उसने ये भी कहा कि मोहब्बत में शिकायतें नहीं होती
यारों इस रिश्ते का एक और उसूल दर्द छुपाना बन गया



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