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इश्क़ पत्थर नहीं

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06 -Sep-2019 HARIOM AGRAWAL Love Poem 0 Comments  142 Views
HARIOM AGRAWAL

इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

सहर होती नहीं, तेरी सूरत के बिन,
दिल का मंदिर हे सुना, तेरी मुरत के बिन,
इश्क़ इजहार इकरार, इनकार हे,
दिल को महकादे जो, इश्क़ कलियाँ वही,
इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

तू रूठती रहे, में मनाता रहु,
तू हसति रहे, में हसता रहु,
इश्क़ चंचल हे पावन हे, निर्मल भी हे,
दिल की धड़कन हे जिनसे, इश्क़ चुडिया वही,
इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

जब भी दुनिया की धुप, मुझे झुलसाएगी,
जिंदगी तेरी बाँहों में, छुप जाएगी,
रंग होली के इश्क़, जश्न जिंदगी का इश्क़,
दिल को सादगी से भर दे, इश्क़ बिंदिया वही,
इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

दिल कमल की तरह, अब सादगी में हे,
तू मेरी हर दुआ, हर बंदगी में हे,
इश्क़ तोहफा हे जिंदगी में, सब के लिए,
जिन में जिंदगी हसीन, इश्क़ वादिया वही,
इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

तेरा तसदन वो रूठना, याद हे मुजे,
में मनाता तू हसती ये, याद हे मुझे,
युही रूठते मानते, कटे जिंदगी,
करदे जिंदगी हसीं, इश्क़ दुनिया वही,
इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

तू मेरा आईना, में तेरा आईना,
जो जताते हो तुम, वो दिखाए आईना,
बेवफा को बेवफा, और वफ़ा से वफ़ा,
हे इबादत सा निर्मल, इश्क़ नादिया वही,
इश्क़ पत्थर नहीं, इश्क़ कांटे नहीं,
दिल के खिलते हे फूल, इश्क़ बगिया वही,

-हरिओम अग्रवाल



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