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ईश्वर सीधे सीधे समझ नहीं आता

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09 -Apr-2021 Vikram Life Poem 0 Comments  402 Views
ईश्वर सीधे सीधे समझ नहीं आता

बेटे को मैं समझाऊँ ईश्वर
सीधे सीधे
नहीं हो सकता
घर से निकलते ही पथ पर
जो मंदिर शिव का
कुछ और कदम चलकर
एक पेड़ पीपल का
प्रतीक ब्रह्मा का
वह नहीं करता ध्यान उनका
न करता स्पर्श
साथ चलते हुए उसके
आज मुझे कहना पड़ा था
उसे निष्क्रिय देख
ये चीज़ें
ईश्वर का ध्यान दिलाती हैं


आज मैं
उसे छोड़ने गया था बस तक
बस पकड़ने से पहले
उसने पैर छुए थे मेरे
गाल अपना
कर दिया था मेरी तरफ
चुम्बन के लिए
होता ऐसा है
बच्चे निकल जाते हैं
भविष्य बनाने
माता पिता रह जाते हैं वहीं पर ही
धीरे धीरे छूट भी जाते हैं
ईश्वर को समझ लेते हैं खुद ही
याद आता है जब जब ईश्वर
तब तब चले आते हैं मिलने मातापिता से .



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