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जब ख्वाबों में तुम आती हो...

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29 -Aug-2017 Piyush Raj Love Poem 0 Comments  1,032 Views
Piyush Raj

जब ख्वाबों में तुम आती हो...

कल मैंने ख्वाबों में देखा
तुम मेरे पास हो आई
हाथ पकड़कर मेरा तुम
साथ निभाने की कसमें खाई

जब तेरे पास था मैं तो
तुम मुझसे दूरी बनाती रही
देख के राहों में तुम मुझको
मुझसे नजरें चुराती रही

आना चाहा पास में तेरे
तुम मुझको ठुकराती रही
देकर मुझको दर्द-ए-दिल
तुम यूँ ही मुस्कुराती रही

छुप-छुप कर देखा करता था
तेरी चाँद सी नूरानी सूरत को
दिल में मैंने बसा लिया था
तेरी प्यारी मूरत को

दूर तो मुझसे चली गयी तुम
पर दिल से तुझे ना भुला सका
तेरी यादों में जागे नैनों को
मैं रातों में ना सुला सका

एक क्षण में ही टूट गयी
हमारी दिल की ये डोर
मेरी निगाहे ढूंढ रही है
बस तुझको ही चारो ओर

तुम मुझे अगर भूल भी जाओ
मुझे कोई गम ना होगा
सच कहता हूं मेरी जान
तुझसे ये प्यार कम ना होगा

अब मुलाकात तुझसे होती नहीं
पर ख्वाबों में तुम आती हो
दिल में सोए अरमानों को
फिर से तुम जगा जाती हो

तड़प उठता है दिल मेरा
जब ख्वाबों में गले लगाती हो
बेचैन कर देती हो मुझको
जब तुम ख्वाबों में मेरे आती हो



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