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जहा भरे ऊर्जा भण्डार

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10 -Feb-2019 DINESH CHANDRA SHARMA Environment Poems 0 Comments  214 Views
DINESH CHANDRA SHARMA

जहां भरे ऊर्जा भण्डार
ऊर्जा से ही चलें मशीनें , ऊर्जा से ही ये संसार |
प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार ||

कृषि उद्योग स्वास्थ्य और शिक्षा , सभी क्षेत्र में आगे बद्गते |
आर्थिक सामाजिक स्थिति को , वही देश सुदृढ़ भी करते |
सब वर्गों को मिले ऊर्जा , बढ़ती जाती है रफ़्तार |
प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार ||

खनिज तेल कोयला सीमित है , सिमट रहे जग में तेजी से |
लकड़ी भी अब दुर्लभ होगी , वन्य क्षेत्र घटते तेजी से |
आधारित गर रहे इन्हीं पर , जग में फैलेगा अन्धकार |
प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार ||

जल का वितरण हुआ अनिश्चित , जल विद्युत कैसे स्थाई |
सिकुड़ रहे जलस्रोत धरा पर , कैसे काम चलेगा भाई |
पानी कम हो सर्दी गर्मी , वर्षा ऋतू में अपरम्पार |
प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार ||

मिला थोरियम यूरेनियम भी , परमाणु ऊर्जा का ईंधन |
पर्यावरण सुरक्षित इससे , न होता कार्बन उत्सर्जन |
किन्तु विकिरण के ख़तरे हैं , चौकस रहना होगा यार |
प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार ||

मूल स्रोत ऊर्जा का सूरज , क्यों नहीं देते उसपर ध्यान |
वायु बहती रहती हरदम , वह भी बन सकती वरदान |
अभिनव तकनीकी खोजेंगे , तभी तो होगा बड़ा पार |
प्रगति पथ पर वही देश हैं , जहां भरे ऊर्जा भण्डार ||
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