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जय हिंद

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02 -Mar-2020 Abbas Bohari Patriotic Poems 0 Comments  316 Views
Abbas Bohari

जब हर देशवासी आपसमें जुड़ेगा
देशके गद्दारों का मनोबल यूँ टूटेगा

जब प्रेम ही हर नासूर ज़ख्म भरेगा
काली रातका सवेरा तब तो आएगा

संविधान के आगे धर्म लड़खड़ायेगा
क्यो कोई इसकी धज्जियां उड़ाएगा

जब अहिंसा हिंसक सोचको हराएगा
बस तिरंगाही हर छत पर फ़ेहराएगा

फ़िरसे देश सोनेकी चिड़िया कहलायेगा
जब अब्बास जय हिंद का नारा लगाएगा



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