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Jalkar ruki sasen/ जलकर रुकी सासें

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01 -Dec-2019 shalu L. Tribute Poems 0 Comments  190 Views
Jalkar ruki sasen/ जलकर रुकी सासें

जलकर रुकी सासें
आँचल में छुपा लेती है माँ ,जब कोई गलत नजर बच्चे को देख लेती है
बेटी को नाजो से पालकर दुनियां से रूबरू करे तो कहती है,
राहें अब तेरी है ऊंचाइयों तक तुझे पहुँचना है
हजारो की मुस्कानों में जीना ,तुझे भी जमाने से सीखना है,
पर छिपी है सच्चाई इस देश मे......
जहाँ बेटियों से हर रिश्ता बनता है
लाज शर्म का पर्दा बेटियो पर ही पड़ता है ......पर नजाने
कहा पलते है ऐसे हैवान जो लड़की जात पर कहर सा बरस पड़ते है किसीकी जिंदगी तो किसीकी सांसें हवस शिकार बन जाती है
कोई आवाज उठे बस पल भर के लिए, बरसों लाशें अखबारों में बस जाती है
चंद मेंबत्तियो के धुँए में ये बेटियां सुर्खियों से उड़ जाती है
करता क्या यह देश जब बात इंसाफ की आती है ,आखिर में......
गलती निकलती है बेटी की, के अकेले सफर क्यों करती है
दरिन्दों को सज़ा अंगार धुल बन जाने पर मिलती है
इस देश मे इंसाफ नही बाते और सिर्फ बातें बनाई जाती है
श्रदांजलि प्रियंका रेड्डी

Jalkar ruki sasen/ जलकर रुकी सासें


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