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Jane ka dard/ जाने का दर्द

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08 -Apr-2021 shalu L. Sad Poems 0 Comments  273 Views
Jane ka dard/ जाने का दर्द

किसीके जाने का दर्द

खामोशी बस अपने आप है
शब्दों का साथ बस याद से है
कुछ बातों का जवाब अनसुना सा है
लगता है जैसे कोई बुरा सपना सा है।
उम्मीदो से दामन भरा ही था अभी
की ,नजर अपनी ही शायद लग गयी,
छूट गया साथ जो उम्र भर का था
पल बर में होना उसका ना होने सा था।
जिंदगी में पाया तो बहोत कुछ, मगर
जो खोया वो अनमोल सा था।
कहते है कर्मो का फल है जिंदगी
लौट आता है वही जो किया होता है
किस्मत का लिखा तो कोई मिटा नही सकता,
यही एक सच है कि......
चाहे लाख कोशिश करें उम्र कोई रोक नही सकता।



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