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Junoon

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30 -Aug-2018 Rashmi Gupta Motivational Poems 0 Comments  569 Views
Rashmi Gupta

दिल मै इक दीवानगी सी जाग उठी,
लौ कुछ नया करने कि जल उठी,
जिंदगी मे जुनून था इक नया आया,
आगे बढ़ने मै मन भी थोड़ा घबराया ।

ख्वाब ऑखो ने देखे कुछ नए थे,
कदम खुद ही इस पथ पे बढ़ चले थे,
व्यस्त जीवन से कुछ पल चुराऐ,
कई राते देर तक दीपक जलाऐ,
उठती लहरो को साहिल तक पहुचाना था,
या यू ही समंदर मै खो जाना था ।

राह आसां हो तो मंज़िल का मज़ा क्या है,
ना टपके जो पसीना तो लुफ्ते जिन्दगी क्या है,
सपनो की डगर पे मुश्किले तमाम आई,
संशय के बादल घिरे, पैर भी थमने लगे ,
डर के आगे जीत है, सोच हम बढ़ने लगे ।

काले बादल जब छंटे, गंतव्य समीप थे,
बालो की सफ़ेदी मै, अब छुपे नए संदेश थे,
चेहरे की लकीरे भी बयां नया कुछ कर रही,
ज़माने को लगा, ये किस्मत के ही तेज़ थे ।

अंधेरी रातो और चट्टानो से जो टकराया है,
डर को अपने जीत, लक्ष्य को जिसने पाया है,
असफलता और प्रयत्न को, जिसने अपना शस्त्र बनाया है,
वही अपनी मेहनत से, भाग्य को जीत पाया है ।
वही मेहनतकश, भाग्यशाली कहलाया है ।



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