Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कभी कभी.सोचती हूँ

0
05 -May-2019 Maya Ramnath Mallah Lonely Poems 0 Comments  527 Views
Maya Ramnath Mallah

कभी कभी सोचती हूँ
मैं उसे जितना चाहती हूँ
उसका कितना हिस्सा वो मुझे चाहता हैं।

कभी कभी सोचती हूँ
मेरी रात उस के ख्यालो में बीत जाती हैं
क्या उनके ख्यालो में मै आती हूँ।

कभी कभी सोचती हूँ
मेरे होठो पर तो सिर्फ उसका नाम हैं
उसके होठो पर किसका नाम होगा।

कभी कभी सोचती हूँ
जिसे देखने को मैं बेकरार हूँ
वो मुझे देख कर कितना बेकरार होगा ।

कभी कभी सोचती हूँ।



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017