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कहाँ खो गया वो चन्ना हरजाई

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15 -Mar-2020 ABHEE RAJA FARRUKHABADI Bewafai Poems 0 Comments  204 Views
कहाँ खो गया वो चन्ना हरजाई

दर्दों से दिल अब रो चला है
दूर से देख अब मुड़ चला है

आँख मिलाने से वो डरता है
मुझे पता है वो अब भी खफा है

कहाँ खो गया वो चन्ना हरजाई
क्यों की ओ चन्ना मुझसे वेवफाई

पीर पीर तन छीर छीर हुआ
हीर ओ हीर नैना नीर नीर हुआ

मुझे तेरा तावीज़ दगा दे गुम हुआ
तेरा वादा महबूब जख्मी कर दफ़्न हुआ

कहाँ खो गया वो चन्ना हरजाई
मुझे देकर जमाने की रुसबाई

दिल दीप जलाकर अंधेरा मुझे दिया
कल हँसाकर आज रुला दिया

दर्दों से दिल अब रो चला है
तुम खुस हो मेरा जिस्म टूट चला है

बता क्या करूं की तुझे भुला दूँ
जी चाहता है तुझे जिगर से मिटा दूँ

तेरे ख्यालों में तेरा आशिक आवारा हुआ
कल तेरे साथ था आज जन्नत को रवाना हुआ

तुम अपनी दुनिया में सदा मुस्कुराते रहना
हमने भेजे जो चिता से फूल उन्हें पास रखना

ओ मेरे बेदर्दी सनम दिल से चाहा था तेरी कसम
पर तूने मेरी वफ़ा को क्यों ठुकराया बेरहम

दर्दों से दिल अब रो चला है
दूर से देख अब मुड़ चला है।



Dedicated to
बेबफा

Dedication Summary
दिल किसी का भी तोड़ना आसान होता है
पर किसी के दिल को जोड़े रखना मुश्किल होता है।

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