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कान्हा कन्हैया नटखट चितचोर

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30 -Jan-2018 Anju Goyal Krishna Janmashtami Poems 0 Comments  793 Views
Anju Goyal

जन्माष्टमी पर एक लघु प्रयास
कान्हा कन्हैया नटखट चितचोर
मैया के आँगन की शोभा बढ़ावे ।

शीश पे मोर पंखी का सुंदर ताज धर
सबके नैनो को बहुत सुख पहुँचावे ।

नन्हे नन्हे पाँवो से कर अठखेलियाँ
मुख पे माखन लगा श्याम इतरावे।

गली गली घूमत कान्हा मटकी फोड़त
गोपियो संग खूब रास लीला रचावे।

मैया यशोदा लेवे कान्हा की बलइयाँ
ग्वालो के संग ब्रज में करतब दिखावे ।

यमुना तट पे बंशी की मीठी तान बजा
मनमोहक आकर्षक रूप में खूब लुभावे।

गिरधारी तो है वृंदावन के रास रचैया
प्रिय राधा संग प्रेम की लीला रचावे।

अधर्म बुराई शत्रुओ का संहार कर
मुरारी पूरे जग के पालनहार कहलावे।

अंजू गोयल



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