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---:"कर्मवीर":---

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03 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Motivational Poems 0 Comments  202 Views
BABUL KUMAR SINGH

उठ बैठो हे कर्मवीर, नींद छोड़ अब जागो तुम
कर्त्तव्यविमुख और लक्ष्य छोड़ , ऐसे ही मत भागो तुम!
संघर्ष-ए-मैदान में , चुनौती हर स्वीकार करो
लाख मुसीबत आए फिर भी , अपने पथ पर अडिग रहो!
ऐसा गर कर सकते हो तो , कर्मवीर कहलाओगे
दुनिया कदम को चूमेंगी और मनचाहा फल पाओगे!

असफलता गर मिलती है तो , इससे भी कुछ सीखो तुम
दर्द-ए-मंजर मिले कभी तो , मुख से कभी ना चीखों तुम!
दुनियावाले सुनकर भी , तेरी हँसी उड़ाएंगे
दुःख तो कभी ना बांटेंगे और मनोबल को गिराएंगे.
अपने पर विश्वास रखो और कर्म को करते जाओ तुम
सफलता पा कर दिखला दो तो, कर्मवीर कहलाओ तुम!

दुनिया में आए हो तो , कुछ ऐसा कर जाओ तुम
कर्म से मिलती मंज़िल है , ये सबको बताओ तुम!
भाग्य भरोसे कायर जीते , मंजिल कभी ना पाते हैं
दोष वो सबको देते हैं और जीवन भर पछताते हैं!
एक मंजिल चुनकर चलना है और बस चलते जाना है
मैं भी सच्चा कर्मवीर हूँ, ये दुनिया को दिखलाना है!

कर्मवीर की जय होती हैं, ये साबित कर जाओ तुम
दुनिया इसको मान ले, कुछ ऐसा दिखाओ तुम!
बच्चा -बच्चा सीखे तुमसे ऐसा तुम काम करो
कुछ भी मुश्किल नहीं यहाँ , इसका तुम प्रमाण धरो!
कर्मवीर सब बन जाये और जग में अपना नाम करे
ताकि कर्मवीर को सब, मिल करके सलाम करे,
..........मिल करके सलाम करे.

"-: बाबुल कुमार सिंह :-"



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