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कहने को तो बहुत कुछ था

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10 -Jul-2020 Abutorab dyer Integration Poems 0 Comments  171 Views
Abutorab dyer

कहने को तो बहुत कुछ था
पर अल्फाज़ कम थे लिखने को
अहमियत कहा है सबदो की
लोग तो गुलाम दिखावे के है
दिल से दिल को मिलाना है
तोहड़ा तोहड़ा करके अब
देश को आगे बढाना है
हिन्दू मुस्लिम सीख ईसाई
सब से प्यार बढ़ना है
इस मुश्किल वक़्त में हमको साथ मिलकर चलना है
एक दूसरे से दूर रहके साथ हम को रहना है
मदद का हाथ बडा कर सब को एक करना है
कहने को तो बहुत कुछ था
पर अल्फाज़ कम थे लिखने को
खुदा हाफिज़ ए बुरे वक्त
खुदा हाफिज़ ए बुरे वक्त
नई सुबह की पहली किरण
फिर से देश सवाअरे गी
खुशयो की लहर एक बार फिर से फेले गी
इंतजार तेरा करू गा में ए नए भारत
ए नए भारत ए नए भारत
कहने को तो बहुत कुछ था
पर अल्फाज़ कम थे लिखने को

_अबुतोरब डायर



Dedicated to
To all Indians

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