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खरगोश

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Khargosh : Here is the informative hindi poem on rabbit / khargosh. This poem give the informations about rabbit in a poetic way. This poem give information about: How rabbit / bunnies look? What rabbit / bunnies eat? Where rabbit / bunnies live?

24 -Dec-2017 Suresh Chandra Sarwahara Animals Poem 0 Comments  7,080 Views
Suresh Chandra Sarwahara

कितना प्यारा कितना भोला
जैसे हो रूई का गोला ,
चाहा इससे बात करें हम
पर मुँह से यह कुछ ना बोला।

लम्बे लम्बे कान खड़े हैं
हीरे जैसे आँख जड़े हैं,
चलते हैं ये फुदक फुदक कर
पर फुर्तीले बहुत बड़े हैं।

ढका मुलायम बालों से तन
घास पात ही इनका भोजन,
बिल्ली कुत्ते से डर लगता
छुप छुप कर जीते हैं जीवन।

बच्चे इनको हैं दुलराते
उठा गोद में प्यार जताते,
नहीं काटते कभी किसी को
इसीलिए ये सबको भाते।

है खरगोश जीव अति सुन्दर
जंगल हैं इनके असली घर,
ना पकड़ें ना मारें इनको
खेलें कूदें ये भी जी भर।
****
- सुरेश चन्द्र "सर्वहारा"



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