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Khel note ka /खेल नोट का

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02 -Dec-2016 shalu L. Business Poem 0 Comments  605 Views
Khel note ka /खेल नोट का

खेल नोट का
लाल पिली इस नोट ने, किया सबको हैरान,
एक ही पल में कल हुई, मेरा भारत महान।
चैन छिना किसीका, किसीको किया हैरान,
काला पैसा फसा जाल में, दिल बैठा पासबुक थाम।

करवट बदली नींद की नोट ने चैन उठा आँखे खोल,
अगली पिछली रसीदे फाड़ ,हर व्यापारी के बोल.
है बैचैन हर दिन गिनती में अब ,जब खुली छुपी हर पोल.
कर न भरा करे क्या उसका, बजेट का बिगाड़ा है तोल.

धंदा मंद है मार्केट डाउन बताकार बात टाल दिया करते थे ,
घंटों खड़े बैंक लाइन में अब दिन भर का हिसाब लिया करते है.
जीरो बैलेंस था कभी जो अब पासबुक भर व्यवहार वो भरते है
वाह रे नोट खेल तेरा, मेरा मेरा करने वाले अब मेरा तेरा कहते है



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