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खुशनसीब

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13 -May-2018 Indumukho Mothers Day Poem 1 Comments  258 Views
खुशनसीब

बचपन में कहते
माँ एक कहानी सुना
अब कहते माँ
कोई कहानी मत बना
पहले मेरे आंसुओं पर
तुम्हारे आंसूं पड़ते निकल
अब मां के आंसूं
लगते इमोशनल ब्लैकमेल
कहाँ कोई गलती हो जाती है
या शिक्षा में खुछ कमी रह जाती है
समझने समझाने में
एक उम्र निकल जाती है
खुशनसीब मिलता है वो
जिन्हे मिलता प्यार उम्र भर
वर्ना कई दाने दाने को तरसते हैं
भटकते दर बदर



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1 More responses

  • poemocean logo
    Madangopal Sharma (Guest)
    Commented on 15-May-2018

    Luv it..

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