Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

ख्वाब

4
31 -Aug-2016 anuradha thalor Dream Poems 3 Comments  1,099 Views
anuradha thalor

आहिस्ता से करवट लेना ए- जिदंगी
कुछ ख्वाब रख छोड़े है तेरे तकिये तले।
मासूमियत से भरे अनचाहे से ख्वाब
अनकहे अहसास की कहानी लिए
हर बार एक नया रंग भरने के लिए
रोज पंख फैलाते है ये आसमान तले।
दिखने में अधखिले फूलों से है
पर मेरे दिल के बहुत करीब है ये
देख इनको रोज चहकती हूँ खिलखिला सी जाती हूँ।
मेरे लिए तो ये पहली बारिश की खूशबू जैसे है।
कुछ ख्वाब तो समय की आँधी के साथ
तिनको से बिखर गए
पर कुछ बच गए है समय की धूप छाँव से
अहसास है मुझे तुम्हारे गुरुर का
इसलिए हल्की सी आहट से सहम जाती हूँ।
साथ अगर तुम दो मेरा ए- जिन्दगी
तो ये कई मीलों तक साथ चले
आहिस्ता से करवट लेना ए- जिन्दगी ।।
अनुराधा थालौर

ख्वाब


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

3 More responses

  • Bikash Rao
    Bikash Rao (Registered Member)
    Commented on 03-September-2016

    बहुत ही प्यारी रचना है.

  • dhiraj Kumar
    Dhiraj Kumar (Registered Member)
    Commented on 01-September-2016

    kuchh ajeeb sa ehsaas hua ise padh ke...
    i like it..

  • Anuradha thalor
    Anuradha thalor (Registered Member)
    Commented on 31-August-2016

    Thank you for appreciation.

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017